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Rajniti: भोपाल में बागी हुए निर्दलीय प्रत्याशी बिगाड़ेंगे कांग्रेस के समीकरण, उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आसान नहीं विजय

Rajniti: भोपाल में बागी हुए निर्दलीय प्रत्याशी बिगाड़ेंगे कांग्रेस के समीकरण, उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आसान नहीं विजय । आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज हुए दावेदारी जताने वाले नेताओं ने पार्टियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक ओर नाराज कांग्रेस नेता क्षेत्रों में जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने ऐलान कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा के रूठे नेता भितरघात करने का मन बना रहे हैं।

भोपाल जिले के कुल सात विधानसभा क्षेत्र हुजूर, गोविंदपुरा, बैरसिया, मध्य, उत्तर, नरेला, दक्षिण – पश्चिम में अब तक आधिकारिक तौर पर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले नेताओं के नाम सामने नहीं आए हैं, लेकिन नामांकन पत्र जमा करने अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक कइयों के सामने आने के आसार हैं। एक सप्ताह में सातों विधानसभा क्षेत्र से कई निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में आ सकते हैं। ऐसे में बागी हुए निर्दलीय उम्मीदवार पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ेंगे। सबसे कठिन स्थिति उत्तर विधानसभा और दक्षिण-पश्चिम में कांग्रेस के सामने बनती दिख रही है, जहां निर्दलीय अभी से दम ठोंककर खड़े हो गए हैं।

वर्ष 2008 में शहर की मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे और वर्तमान में उत्तर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय नासिर इस्लाम ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक बैठक करके उत्तर से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। बागी हुए इस्लाम ने अब तक नामांकन पत्र जमा नहीं किया है, लेकिन वो चुनाव चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। उनके पक्ष में मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में मतदाता हैं।

यदि वो निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस के वोट काटेंगे। इससे कांग्रेस की जीत आसान नहीं होगी। इस क्षेत्र से विधायक आरिफ अकील पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। इस बार उनके बेटे आतिफ अकील को कांग्रेस ने टिकट दिया है। कांग्रेस के कई नेता उनका विरोध कर रहे हैं। उनके सामने भाजपा से आलोक शर्मा प्रत्याशी हैं।

वहीं, आम आदमी पार्टी से पूर्व पार्षद मोहम्मद सऊद चुनावी मैदान में हैं। ये भी मुस्लिम वोट कांटेंगे। इसका लाभ भाजपा को मिल सकता है, हालांकि इस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय किस तरफ जाएगा, वो मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं पर भी निर्भर करता है। इतिहास रहा है कि मुस्लिम समुदाय एक उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करता है। बाकी प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त हो जाती है।

रूठे संजीव दक्षिण-पश्चिम में बनेंगे मुसीबत

कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को टिकट देने का विरोध कांग्रेस नेता संजीव सक्सेना ने किया है। वो निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं, हालांकि कांग्रेस ने उनके पार्षद भाई प्रवीण सक्सेना को कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बना कर उनको मनाने का प्रयास किया है। क्षेत्र में चर्चा है कि सक्सेना निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे कांग्रेस की जीत का गणित बिगड़ना तय है। वहीं, भाजपा के प्रत्याशी भगवानदास सबनानी का विरोध पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता के समर्थक कर चुके हैं। नाराज नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने नामांकन पत्र लिया है।

बैरसिया : कांग्रेस प्रत्याशी जयश्री हरिकरण का विरोध राम भाई मैहर कर रहे हैं। वो निर्दलीय चुनाव मैदान में कूद सकते हैं। इससे कांग्रेस की राह आसान नहीं होगी। यदि 10 हजार तक वोट भी मैहर ने कांग्रेस के अपने पाले में ले लिए तो लाभ भाजपा प्रत्याशी विष्णु खत्री को मिल सकता है।

गोविंदपुरा : कांग्रेस प्रत्याशी रवींद्र झूमरवाला का भी विरोध कांग्रेसियों ने किया है। दीप्ति सिंह की महिला समर्थक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर चुकी हैं। श्रमिक नेता दीपक गप्ता भी नाराज चल रहे हैं। वहीं रामबाबू शर्मा भी टिकट न मिलने से नाखुश हैं, हालांकि उनकी तरफ से खुलकर विरोध नहीं किया है। यदि कोई एक निर्दलीय खड़ा हुआ तो कांग्रेस की ही मुश्किलें बढेंगी।
हुजूर : कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचदांनी के खिलाफ पूर्व विधायक जितेंद्र डागा ने आपत्ति जताई है। यदि वो निर्दलीय खड़े होते हैं तो कांग्रेस का जीतना मुश्किल होगा।

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