Rail News: उत्तर और दक्षिण भारत के बीच 270 किमी का सफर कम करने वाली जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज का काम पूरा; जल्द होगा लोकार्पण

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Rail news आशीष शुक्ला..

  • उत्तर और दक्षिण भारत के बीच 270 किमी का सफर कम करने वाली जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज का काम पूरा; जल्द होगा लोकार्पण
  • कल शुक्रवार से कमिश्रर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) एके राय का दो दिन का निरीक्षण शुरू हो रहा है
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1996-97 में दी थी परियोजना को मंजूरी
  • 23 साल में पूरा हो पाया काम, शुक्रवार और शनिवार को कमिश्नर रेलवे कमिश्नर करेंगे दौरा*

जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज पर जल्द ही ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। शुक्रवार को कमिश्रर रेलवे सेफ्टी एके राय चिरई डोंगरी से मंडला और शनिवार को लामता से समनापुर के बीच तैयार रेलवे ट्रैक इलेक्ट्रिफिकेशन का निरीक्षण करेंगे।

इससे उत्तर और दक्षिण भारत की दूरी 270 किमी कम हो जाएगी। माना जा रहा है कि इसके साथ ही जल्द ही उत्तर और दक्षिण भारत के बीच चलने वाली कई ट्रेनों के रूट बदल जाएंगे।

शुक्रवार से कमिश्रर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) एके राय का दो दिन का निरीक्षण शुरू हो रहा है। निरीक्षण में उनके साथ दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे जोन के नागपुर मंडल के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सीआरएस हरी झंडी मिलने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इसके लिए नवम्बर में तारीख तय की जा सकती है।

सीआरएस ये देखेंगे
सीआरएस इस रूट पर इलेक्ट्रिफिकेशन का काम देखेंगे। इसके बाद वे तय करेंगे कि इस रूट पर कितने स्पीड से ट्रेनों का संचालन होगा। इससे पहले उन्होंने 15 अगस्त को लामता से समनापुर के बीच ट्रैक पर मालगाड़ी चलाकर पटरी का निरीक्षण किया था।उन्होंने इसके साथ ही नैनपुर से लामता के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन स्पीड का भी ट्रायल किया था।

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छोटी लाइन से ब्रॉडगेज में इस तरह हुआ परिवर्तन
जबलपुर-गोंदिया 229 किमी लम्बी ब्रॉडगेज परियोजना को 1996-97 के रेल बजट में मंजूरी मिली थी। 2001 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने परियोजना का शिलान्यास किया। तब इस परियोजना की लागत 555 करोड़ थी। 2014 तक इस परियोजना में कई अड़ंगे लगे। 2014 में परियोजना की लागत बढ़कर 1755 करोड़ पहुंच गई। 2016 में 194.3 करोड़ रुपए इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट के लिए जारी हुआ।

अभी नैनपुर तक पैसेंजर ट्रेन का था संचालन
इस रूट पर कोरोना से पहले तक जबलपुर से नैनपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन का संचालन हो रहा था। अब इसे फिर से चालू किया जाएगा। इसके साथ ही जबलपुर से संघमित्रा एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस और जबलपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस को इस रूट पर चलाने की तैयारी है