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जेईई मेन 2026 के टॉपर्स में शामिल हुए कैमोर के राघवेंद्र

जेईई मेन 2026 के टॉपर्स में शामिल हुए कैमोर के राघवेंद्

कैमोर। कैमोर निवासी विद्युत संविदाकार राजेश उपाध्याय एवं डॉ संध्या उपाध्याय के कनिष्ठ पुत्र राघवेंद्र उपाध्याय ने 99 * 58 परसेंटाइल की रैंकिंग के साथ जेईई मेंन सीजन – 1 के टॉपर्स में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। उनका अगला लक्ष्य अब इंजीनियरिंग क्षेत्र की देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा आईं आई टी है। अपनी प्राइमरी और मिडिल स्कूल की पढ़ाई कैमोर से पूरी करने के बाद राघवेंद्र आगे की पढ़ाई के लिए जबलपुर चले गए थे जहां उन्होंने सदर स्थित सेंट अलायसिस स्कूल में एडमिशन लिया था। यहां सीबीएसई की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में राघवेंद्र स्कूल के सेकेंड टॉपर रहे। इस साल वे इसी स्कूल से 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। अपने पहले प्रयास में ही जेईई मेंन में 99 * 58 परसेंटाइल हासिल करने पर स्कूल के स्टॉफ सहित पारिवारिक मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
बड़े भाई ऋषि हैं मेडिकल फर्स्ट ईयर के टॉपर
राजेश उपाध्याय और डॉ संध्या उपाध्याय के बड़े पुत्र राघवेंद्र के अग्रज ऋषि उपाध्याय ने भी सेंट अलायसिस स्कूल की 12 वीं परीक्षा सेकेंड टॉपर रहते हुए उत्तीर्ण की थी। ऋषि ने नीट की परीक्षा दी थी और अपने पहले प्रयास में ही वे सफल रहे। वर्तमान में ऋषि नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में एमबीबीएस के छात्र हैं। एमबीबीएस के फर्स्ट ईयर की परीक्षा में उन्होंने जबलपुर में टॉप किया था जबकि प्रदेश की मेरिट लिस्ट में वे छठे स्थान पर रहे। ऋषि और राघवेंद्र का परिवार अब जबलपुर शिफ्ट हो गया है। ऋषि और राघवेंद्र के पिता राजेश उपाध्याय का कहना है कि उनका पूरा परिवार कैमोर में रहता है पर बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए उन्हें कैमोर छोड़ने का अप्रिय निर्णय लेना पड़ा था। अपना घर अपना नगर और अपने परिवार को छोड़ने की टीस तो मन में रहती है पर बच्चों की इस कामयाबी से अब मन में संतोष है। बच्चों की अच्छी परवरिश का पूरा श्रेय वे अपनी पत्नी डॉ संध्या उपाध्याय को देते हैं जो खुद भी अध्यापन के पेशे से जुड़ी हैं।

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