
कोरोना वैक्सीन निजी अस्पतालों को बेचने के मामले में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू घिरते जा रहे हैं। मोहाली में धरने प्रदर्शन के बाद अकालियों ने मंगलवार को सिसवां में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई खुद पार्टी के प्रधान एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल कर रहे थे। अकालियों की मांग थी कि सिद्धू को तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए या फिर सरकार को खुद उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।
वहीं गठबंधन के बाद पहली बार मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल के साथ बहुजन समाज पार्टी के नेता भी एक मंच पर दिखे। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, विरसा सिंह वल्टोहा समेत बसपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सुखबीर बादल ने कहा कि कैप्टन अपनी पूरी ताकत लगा लें तो भी इस तूफान को नहीं रोक सकते। टीकाकरण, फतेह किट से लेकर एससी स्कॉलरशिप तक में घोटाला हो रहा है। किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं।
Punjab: Shiromani Akali Dal (SAD) leaders and workers hold a protest against the state govt outside the residence of CM Captain Amarinder Singh at Siswan pic.twitter.com/H32pOzJIPb
— ANI (@ANI) June 15, 2021
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई घोटाले देखे हैं लेकिन कोरोना वैक्सीन को लेकर जो घोटाला किया गया वह उन्होंने कभी नहीं देखा। बादल ने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी फ्री वैक्सीन लगा रही है। जबकि सरकार मुनाफा कमा रही है। एसजीपीसी ने कोविड काल में 200 डॉक्टर व डेढ़ सौ नर्सेज रखकर लोगों की सेवा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री ने पहले फतेह किटों का घोटाला किया। जिस कंपनी को यह सामान बनाने का आर्डर दिया गया उसके पास फतेह किट बनाने का लाइसेंस तक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना आंकड़े संबंधी गलत तथ्य पेश किए।








