पेपर लीक रोधी नए कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी; 10 साल की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना और 90 दिन में फैसला
Paper Leak Anti-Rigging Law 2026: 90 दिनों में आएगा फैसला, बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स; जानें नए कानून की 5 बड़ी बातें
79वां स्वतंत्रता दिवस 2025: ‘न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व - संविधान के आधार’ -राष्ट्रपति का राष्ट्र‑के‑नाम संदेश
पेपर लीक रोधी नए कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी; 10 साल की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना और 90 दिन में फैसला
नई दिल्ली: देश में प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही नया ‘पेपर लीक रोधी संशोधन कानून, 2026’ अब देश में लागू हो गया है।
संसद में हंगामे के बीच पारित हुए इस विधेयक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने वाला और पारदर्शिता व निष्पक्षता बढ़ाने वाला कदम बताया है।
नए कानून में हुए ये 5 बड़े और कड़े बदलाव
2024 के पुराने कानून में संशोधन कर अब सजा और जुर्माने के प्रावधानों को अत्यंत कठोर बना दिया गया है:
1. फास्ट ट्रैक कोर्ट और 90 दिन में ट्रायल: हर राज्य में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ गठित किए जाएंगे। यहाँ रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिनों के अंदर ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाया जाएगा।
2. 10 साल तक की सख्त सजा: वर्ष 2024 के कानून में 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। नए कानून में इसे बढ़ाकर 5 से 10 साल तक की जेल कर दिया गया है।
3. 10 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना: पहले पेपर लीक के लिए केवल 10 लाख रुपये के जुर्माने का नियम था। नए संशोधन के तहत अब दोषियों पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
4. जांच के लिए ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ (STF): अब मामलों की जांच के लिए विशेष रूप से Special Task Force (STF) का गठन किया जाएगा।
5. 2 महीने में जांच पूरी करने की सीमा: पहले जांच पूरी करने की कोई समय सीमा तय नहीं थी। नए कानून के तहत 2 महीने के भीतर जांच पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है।
माफिया नेटवर्क को खत्म करेगा यह कानून-शिक्षा मंत्री
विधेयक के पारित होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह नया ढांचा परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले पूरे संगठित सिंडिकेट और माफिया को खत्म कर देगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सख्त सजा, त्वरित अदालतें, आधुनिक जांच के तरीके और सख्त कानूनी ढांचा देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की रक्षा करेगा और परीक्षाओं में विश्वसनीयता व पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। पेपर लीक रोधी नए कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी; 10 साल की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना और 90 दिन में फैसला