चल समारोह एवं प्रतिमा विसर्जन घाटों की तैयारियां पूर्ण, प्रातः 7 बजे से कर्मचारी घाटों पर तैनात,गाटर घाट में अतिरिक्त कृत्रिम कुंड की व्यवस्था से विसर्जन में मिलेगी सुविधा,11 घाटों पर तीन पालियों में 175 अधिकारी-कर्मचारी संभालेंगे व्यवस्थाएं, कटाएघाट एवं अमीरगंज तालाब में विसर्जन प्रतिबंधित

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चल समारोह एवं प्रतिमा विसर्जन घाटों की तैयारियां पूर्ण, प्रातः 7 बजे से कर्मचारी घाटों पर तैनात,गाटर घाट में अतिरिक्त कृत्रिम कुंड की व्यवस्था से विसर्जन में मिलेगी सुविधा,11 घाटों पर तीन पालियों में 175 अधिकारी-कर्मचारी संभालेंगे व्यवस्थाएं, कटाएघाट एवं अमीरगंज तालाब में विसर्जन प्रतिबंधि

 

कटनी। नवरात्रि पर्व के समापन पर मंगलवार 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाले चल समारोह एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, घाटों पर व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन तथा विसर्जन कार्य में समन्वय बनाए रखने के लिए शहर के 11 निर्धारित घाटों पर 175 अधिकारी-कर्मचारियों की तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित रहकर सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके अनुपालन में प्रथम पाली में प्रातः 7 बजे से अधिकारी कर्मचारी घाटों में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे है।

 

11 घाटों पर विसर्जन की व्यवस्था, गाटर घाट में अतिरिक्त कुंड

 

नगर निगम द्वारा प्रतिमा विसर्जन के लिए गाटर घाट पर नदी के दोनों ओर दो कृत्रिम जलकुंडों सहित मोहन घाट, मसुरहा घाट, माई नदी घाट, बाबा घाट, छपरवाह घाट, बिलगवां घाट, सिमरार नदी रपटा, पीर बाबा निवार, बजरंग कॉलोनी एवं ट्रांसपोर्ट नगर तालाब सहित कुल 11 विसर्जन स्थलों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। गाटर घाट में अतिरिक्त कृत्रिम कुंड, दो विसर्जन कुंड की व्यवस्था से प्रतिमा विसर्जन कार्य को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। प्रत्येक निर्धारित स्थल पर प्रभारी अधिकारी एवं सहयोगी कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि विसर्जन के दौरान व्यवस्थाओं का संचालन समन्वित ढंग से किया जा सके।

 

तीन पालियों में संभालेंगे जिम्मेदारी

 

विसर्जन स्थलों पर व्यवस्थाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में निर्धारित की गई है। प्रथम पाली प्रातः 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक, द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से रात्रि 9 बजे तक तथा तृतीय पाली रात्रि 9 बजे से प्रतिमा विसर्जन कार्य की समाप्ति तक रहेगी। निगम प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता तथा विसर्जन कार्य में समुचित समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

कटाएघाट एवं अमीरगंज तालाब में विसर्जन प्रतिबंधित

 

पर्यावरण संरक्षण एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन के तहत कटाएघाट एवं अमीरगंज तालाब में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इन दोनों स्थलों पर भी तीन पालियों में घाट प्रभारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराया जा सके और श्रद्धालुओं को निर्धारित विसर्जन स्थलों की जानकारी दी जा सके।

 

दुर्गा समितियों से सहयोग की अपील

 

नगर निगम प्रशासन ने दुर्गा समितियों के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित कृत्रिम जलकुंडों का ही उपयोग करें तथा प्रतिबंधित स्थलों पर विसर्जन न करें। विसर्जन स्थलों एवं चल समारोह मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने, पूजा सामग्री को जलस्रोतों में प्रवाहित न करने और निगम प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। निगम प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित स्थलों पर समय से उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धा,आस्था और पर्यावरण संरक्षण के साथ विसर्जन पर्व संपन्न हो सके।