मरही माता मंदिर में सुहागलें का आयोजन, 550 महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना के साथ श्रद्धालु महिलाओं ने लिया भा
कटनी। शहर के बावली टोला स्थित प्रसिद्ध प्राचीन मरही माता मंदिर में 20 अक्टूबर 2026 को सुहागलें का धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर लगभग 550 सुहागिन महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पतियों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा और महिलाओं ने माता रानी के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर के पुजारी बद्री पंडा ने सुहागलें की धार्मिक मान्यता और भारतीय संस्कृति में इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में विभिन्न व्रतों, पूजा-पद्धतियों और धार्मिक अनुष्ठानों की समृद्ध परंपरा रही है। इन परंपराओं के माध्यम से श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और परिवार के सुख, शांति तथा कल्याण की कामना करते हैं। सुहागलें भी ऐसा ही पारंपरिक अनुष्ठान है, जिसमें सुहागिन महिलाएं अपने पति के मंगलमय जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए पूजा-अर्चना करती हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में परिवार को समाज की मूल इकाई माना गया है। पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, समर्पण और आपसी सहयोग को वैवाहिक जीवन का आधार माना जाता है। सुहाग से जुड़ी धार्मिक परंपराएं इन्हीं भावनाओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम हैं। महिलाएं इस अवसर पर अपने परिवार की उन्नति, संतान के सुखद भविष्य और घर में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना भी करती हैं।
आयोजन में शामिल महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति से मंदिर परिसर में विशेष चहल-पहल रही। श्रद्धालुओं ने माता मरही के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए परिवार और समाज के कल्याण की कामना की। इस तरह के आयोजन धार्मिक विश्वास के साथ-साथ महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने, अपने अनुभव साझा करने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
मरही माता मंदिर कटनी के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां समय-समय पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम स्थानीय लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं। सुहागलें जैसे अनुष्ठान नई पीढ़ी तक सांस्कृतिक विरासत पहुंचाने और पारंपरिक मान्यताओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मरही माता मंदिर में आयोजित सुहागलें का यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, पारिवारिक मंगलकामना और सामाजिक एकता का संदेश देता है। श्रद्धालुओं ने माता रानी से सभी परिवारों में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
मरही माता मंदिर में सुहागलें का आयोजन, 550 महिलाओं ने की पूजा-अर्चना पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना के साथ श्रद्धालु महिलाओं ने लिया भाग










