फ्रांसीसी भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस (Nostradamus) को दुनियाभर में उनकी सटीक भविष्यवाणियों के याद किया जाता है नास्त्रेदमस की कई भविष्यवाणियां सच हो चुकी हैं जिसमें दो विश्वयुद्ध, नेपोलियन (Napolian) का उदय, नाजी तानाशाह हिटलर (Hitler) का वजूद शामिल हैं नेपोलियन और हिटलर को नास्त्रेदमस ने ईश्वर विरोधी (एंटी-क्राइस्ट) कहा था
अब कोरोना वायरस के कहर के बाद ब्रिटेन में इसे लेकर चर्चा चल होने लगी है कि नास्त्रेदमस ने इसके बारे में आगाह किया था. ब्रिटेन की द वीक मैगजीन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक नास्त्रेमदस पर भरोसा करने वाले लोग इसका जिक्र कर रहे हैं
इसे लेकर वहां के लोग सोशल मीडिया पर ट्वीट भी कर रहे हैं. लोग नास्त्रेदमस के एक कथन का जिक्र कर रहे हैं जिसमें कहा गया था कि एक ऐसे शहर में प्लेग फैलेगा जो समुद्र के किसाने बसा होगा कोरोना वायरस सबसे पहले चीन के वुहान शहर से निकला था. लेकिन वो समुद्री शहर नहीं है
नास्त्रेदमस ने साल 2020 के बारे में यह भी कहा है कि ये दुनिया के लिए आर्थिक अस्थिरता वाला साल हो सकता है
अब जब इटली पर कोरोना का प्रभाव पड़ना शुरू हुआ है तो लोग इसे नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि हर बड़ी त्रासदी के साथ ही लोग नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां याद करना शुरू कर देते हैं
प्लेग को कोरोना से जोड़कर देख रहे लोग
बताया जा रहा है कि नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में प्लेग शब्द का जिक्र था. प्लेग भी एक संक्रामक बीमारी है जिसने दुनिया में अब तक लाखों लोगों की जान ली है. इटली पर कोरोना वायरस के जबरदस्त असर की वजह से लोग प्लेग को कोरोना से जोड़कर देख रहे हैं.
अर्थव्यवस्था पर भी की है भविष्यवाणी
नास्त्रेदमस ने साल 2020 के बारे में यह भी कहा है कि ये दुनिया के लिए आर्थिक अस्थिरता वाला साल हो सकता है. हालांकि अगर नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी से इतर भी देखा जाए तो इस वक्त दुनिया के तकरीबन सभी बड़े देशों के आर्थिक हालात काफी मुश्किलों भरे हैं.
बीते कुछ दशकों में अपनी तेज रफ्तार ग्रोथ रेट से दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचने वाले चीन और भारत भी मुश्किल आर्थिक हालातों का सामना कर रहे हैं. नास्त्रेदमस ने यह भी कहा है कि आर्थिक मामलों को लेकर चीन और अमेरिका के बीच टकराहट जैसे हालात बन सकते हैं.
176 देशों फैल चुका है कोरोना
चीन के वुहान शहर से शुरू हुई कोरोना की बीमारी अब तक दुनिया के 176 देशों में फैल चुकी है. इससे बीमार लोगों की संख्या सवा दो लाख के आस-पास है. वहीं अब तक 8 हजार से ज्यादा लोग इससे अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि अब तक 85 हजार लोग इस रोग से लड़कर बिल्कुल स्वस्थ भी हो चुके हैं.
कोरोना से सबसे ज्यादा खतरा उम्रदराज और पहले से बीमार लोगों को है. चीन में इसका डेथ रेट 2 प्रतिशत के आस-पास ही था जो इटली में बढ़ गया है. इटली में डेथ रेट ज्यादा होने के पीछे कारण बताया जा रहा है कि वहां पर उम्रदराज लोगों की संख्या काफी ज्यादा है.
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