PM Modi Calls Captain Smit Machhar: “आपकी बहादुरी पर देश को गर्व है”-174 यात्रियों की जान बचाने वाले बहादुर पायलट स्मित मच्छार से बोले प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली: मिड-एयर फ्लाइट में अपनी जान पर खेलकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) के अदम्य साहस और बहादुरी को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फोन पर कैप्टन स्मित मच्छार से बात की और उनका हाल-चाल जाना।
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी के साथ उस खौफनाक घटना का अनुभव साझा किया और बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्हें यात्रियों की सुरक्षा के लिए हिम्मत कहां से मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की और उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में क्या हुआ था?
बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 27 बच्चों सहित कुल 174 यात्री सवार थे।
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कॉकपिट में हमला: जब विमान 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तब कॉकपिट के भीतर मौजूद को-पायलट ने कथित तौर पर प्लेन को क्रैश कराने की कोशिश में कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
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17,000 फीट से ज्यादा की तेज गिरावट: इस हमले के दौरान प्लेन में अचानक इमरजेंसी सिग्नल जारी हुए और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा।
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अद्भुत साहस से कराई इमरजेंसी लैंडिंग: गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने आपा नहीं खोया। उन्होंने बहादुरी से स्थिति को नियंत्रित किया और प्लेन को सऊदी अरब के तबुक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ा और सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराकर 174 जिंदगियां बचा लीं।
सऊदी अरब में प्राथमिक इलाज के बाद अबू धाबी शिफ्ट
घटना के तुरंत बाद कैप्टन स्मित मच्छार को सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज और रिकवरी के लिए अबू धाबी (यूएई) के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
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भारतीय राजदूत ने की मुलाकात: यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी दी कि कैप्टन स्मित की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं।
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विदेश मंत्रालय का बयान: विदेश मंत्रालय ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कैप्टन मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ को नमन किया। विदेश मंत्रालय और अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ताकि उनकी सर्वोत्तम मेडिकल केयर सुनिश्चित की जा सके।