Latest

PF योजना में शामिल होने की मासिक वेतन सीमा बढ़ी, नए नियम से लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा

17 08 2020 pf news

EPFO के लाखों सदस्‍यों, कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन ने योजना में शामिल होने के लिए मासिक वेतन सीमा बढ़ा दी है। अब तक यह सीमा 6,500 रुपये प्रति महीने हुआ करती थी जो अब बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति महीने कर दी गई है।

इसके साथ ही अब उन सभी लोगों को पेंशन योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिनका मासिक वेतन योजना में शामिल होने के समय 15 हज़ार रुपये से ज्‍यादा था। ईपीएस योजना यानी कर्मचारी पेंशन स्‍कीम के मकसद से वेतन में मूल वेतन और महंगाई भत्ता (DA) को जोड़ा जाता है।

इसके चलते अब बदले हुए नियमों के मुताबिक अगर किसी कर्मचारी का बेसिक पे यानी मूल वेतन और डीए मिला कर 15,000 रुपये प्रति महीने से ज्‍यादा का अमाउंट बनता है तो उसे अब ईपीएस EPS की पात्रता नहीं रहेगी।

क्‍या है ईपीएस

 

Employee pension scheme (EPS) कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) एक सामाजिक सुरक्षा योजना है. इसका संचालन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) करता है. योजना के तहत 58 साल की उम्र में रिटायर होने के बाद संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को पेंशन मिलती है. हालांकि, इस योजना का लाभ सिर्फ तभी लिया जा सकता है, जब कर्मचारी ने कम से कम 10 साल तक नौकरी की हो. इसमें लगातार नौकरी करना जरूरी नहीं है

EPS से जुड़ने के लिए ये है पात्रता

आपको ईपीएफओ का सदस्य होना जरूरी है।

10 साल नौकरी किया जाना अनिवार्य हो।

58 साल की आयु जरूरी है।

आप 50 वर्ष की आयु होने पर कम दर पर अपना ईपीएस निकाल सकते हैं।

आप दो साल यानी 60 साल की उम्र तक के लिए अपनी पेंशन को टाल सकते हैं, जिसके बाद आपको हर साल 4 फीसदी की अतिरिक्त दर से पेंशन मिलेगी।

 

ईपीएस के इतने लाभ

योजना का सदस्य 58 साल की उम्र में रिटायर होने के बाद पेंशन लाभ के लिए पात्र हो जाता है।

यदि कोई सदस्य 58 साल की उम्र से पहले 10 साल तक सेवा में नहीं रहा हो, तो वह फॉर्म 10सी भरकर 58 साल की उम्र होने पर पूरी राशि निकाल सकता है, मगर उसे सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन नहीं मिलेगी।

ईपीएफओ का कोई सदस्य जो दुर्भाग्यवश पूरी तरह और स्थायी रूप से विकलांग हो जाए, तो उसे मासिक पेंशन मिलेगी, चाहे उसने जरूरी 10 साल नौकरी नहीं किया हो।

 

ऐसे करें पेंशन का कैल्‍कुलेशन

रिटायरमेंट के बाद आपको ईपीएस योजना के तहत मासिक पेंशन कितना मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पेंशन योग्य वेतन कितना है और

आपने कितने साल तक पेंशन योग्य सेवा दी है. किसी भी पीएफ खाताधारक सदस्य की मासिक पेंशन राशि का कैलकुलेशन पेंशन = सैलरी X नौकरी के साल/70 के आधार पर किया जाता है.

किसी भी पीएफ खाताधारक का पेंशन योग्य वेतन उसके पिछले 12 महीनों के मासिक वेतन का औसत होता है. वहीं, ईपीएफओ सदस्य की वास्तविक सेवा अवधि ही पेंशन योग्य सेवा के रूप में मानी जाती है. पेंशन योग्य सेवा अवधि की गणना के समय विभिन्न नियोक्ताओं और कंपनियों में की गई नौकरी की अवधि को जोड़ा जाता है.

Back to top button