यूपी-हरियाणा और दिल्ली-NCR को रुला गए ‘पेप्सी शर्मा’, अचानक आया हार्ट अटैक; अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
यूपी-हरियाणा और दिल्ली-NCR को रुला गए 'पेप्सी शर्मा', अचानक आया हार्ट अटैक; अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
गाजियाबाद/हरियाणा: हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के लाखों दिलों पर अपनी रागनी और गायकी से राज करने वाले मशहूर लोक गायक यशपाल शर्मा उर्फ ‘पेप्सी शर्मा’ ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। महज 38 साल की बेहद कम उम्र में हुए उनके इस आकस्मिक निधन से पूरे रागनी जगत और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। यूपी-हरियाणा और दिल्ली-NCR को रुला गए ‘पेप्सी शर्मा’, अचानक आया हार्ट अटैक; अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
अचानक उठा सीने में दर्द, इलाज के दौरान तोड़ा दम
पेप्सी शर्मा के परिवार वालों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को अचानक उनके सीने में तेज दर्द (हार्ट अटैक) उठा। हालत बिगड़ती देख परिजन उन्हें तुरंत पास के ही एक निजी अस्पताल में लेकर भागे। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
गाजियाबाद के पटला गांव से निकलकर बने स्टेज किंग
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पटला गांव के रहने वाले यशपाल शर्मा अपने स्टेज नाम ‘पेप्सी शर्मा’ से घर-घर में मशहूर थे। उन्होंने हरियाणा की पारंपरिक रागनी और लोक कला को एक नया मुकाम दिया। हरियाणा, यूपी और दिल्ली-NCR के इलाकों में होने वाले उनके स्टेज परफॉर्मेंस को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती थी। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी उनके रागनी के वीडियो काफी लोकप्रिय हैं।
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर
पेप्सी शर्मा के असमय निधन पर राजनीतिक दल और उनके साथी कलाकारों ने गहरा दुख जताया है। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया।
राष्ट्रीय लोक दल परिवार ने लिखा:
“अपनी रागनी के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले प्रसिद्ध रागनी गायक पेप्सी शर्मा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। राष्ट्रीय लोक दल परिवार की तरफ़ से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। भगवान इस मुश्किल घड़ी में उनके परिजनों और लाखों प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति दे।”
इतनी कम उम्र में एक उभरते हुए और चहेते कलाकार का दुनिया से चले जाना लोक कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।








