MP में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में बड़ा विस्फोट: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन भरते ही 37 साल पुराने दिग्गज नेता नरेश ज्ञानचंदानी का इस्तीफा, राहुल गांधी को ट्वीट कर कही थी ये बात
MP में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में बड़ा विस्फोट: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन भरते ही 37 साल पुराने दिग्गज नेता नरेश ज्ञानचंदानी का इस्तीफा, राहुल गांधी को ट्वीट कर कही थी ये बात
MP में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में बड़ा विस्फोट: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन भरते ही 37 साल पुराने दिग्गज नेता नरेश ज्ञानचंदानी का इस्तीफा, राहुल गांधी को ट्वीट कर कही थी ये बात
भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच कांग्रेस पार्टी को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। आलाकमान द्वारा वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाए जाने के तुरंत बाद, पार्टी के भीतर की अंदरूनी कलह और असंतोष खुलकर सड़क पर आ गया है। हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे और पार्टी के कद्दावर नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। MP में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में बड़ा विस्फोट: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन भरते ही 37 साल पुराने दिग्गज नेता नरेश ज्ञानचंदानी का इस्तीफा, राहुल गांधी को ट्वीट कर कही थी ये बात
37 साल पुराना नाता टूटा, राहुल गांधी को किया था ट्वीट
नरेश ज्ञानचंदानी पिछले 37 वर्षों से कांग्रेस में लगातार सक्रिय थे और भोपाल सहित प्रदेश की राजनीति में एक साफ-सुथरा और मजबूत चेहरा माने जाते थे। मीनाक्षी नटराजन का नाम तय होने के बाद ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर राहुल गांधी को टैग करते हुए एक पोस्ट लिखा था। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा था कि पार्टी ने उम्मीदवार चयन में बड़ी चूक की है।
इस्तीफा देने के बाद उनका दर्द छलक उठा और उन्होंने कहा:
“मैंने 37 साल तक ईमानदारी से कांग्रेस की सेवा की और हमेशा पार्टी हित को सर्वोपरि रखा। समय-समय पर पार्टी हित में राहुल गांधी जी को ट्वीट कर ध्यान भी आकर्षित कराता रहा। लेकिन यह बेहद दुखद और पीड़ादायक है कि मध्य प्रदेश के नेतृत्व को राहुल गांधी जी को किया गया मेरा एक अदना सा ट्वीट भी बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। इसी आत्मसम्मान के कारण मैं प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहा हूँ।”
‘क्रॉस वोटिंग’ की चेतावनी से कांग्रेस खेमे में खलबली
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ज्ञानचंदानी खुद भी राज्यसभा टिकट के दावेदार थे, लेकिन स्थानीय नेताओं की अनदेखी कर मीनाक्षी नटराजन को तरजीह दी गई। ज्ञानचंदानी ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी है कि मीनाक्षी नटराजन का जमीनी स्तर पर विधायकों से सीधा जुड़ाव न होने के कारण चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ (विधायकों द्वारा पाला बदलना) का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। बीजेपी ने भी इस बगावत को लपकते हुए कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र और फैसलों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
एकजुटता दिखाने की कोशिश के बीच हुआ खेल
हैरानी की बात यह है कि यह इस्तीफा ठीक उस वक्त हुआ जब सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक के ठीक बाद भारी नारेबाजी और एकजुटता के प्रदर्शन के बीच मीनाक्षी नटराजन सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा स्थित राज्यसभा निर्वाचन कार्यालय पहुंचीं और अपना नामांकन दाखिल किया। लेकिन जैसे ही वे नामांकन दाखिल कर बाहर आईं, नरेश ज्ञानचंदानी के इस्तीफे की खबर ने कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन की हवा निकाल दी








