कार्रवाई: पुत्र मोह में फंसे पटवारी की सेवाएं समाप्त, इस घोटाले में दोषी करार
कार्रवाई: पुत्र मोह में फंसे पटवारी की सेवाएं समाप्त, इस घोटाले में दोषी करार

शिवपुरी। एसडीएम की कार्रवाई में पुत्र मोह में फंसे पटवारी की सेवाएं समाप्त हो गई। इस घोटाले में जांच कर दोषी पाए गए श्री जैन की नौकरी समाप्त हो गई। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पोहरी एसडीएम श्री शिवदयाल धाकड़ ने सूखा राहत राशि घोटाला मामले में सस्पेंड चल रहे पटवारी श्री मणिकांत जैन को डिसमिस कर दिया। सेवा समाप्ति के आदेश पर दिनांक 12 फरवरी 2024 को हस्ताक्षर किए गए।
मणिकांत जैन पटवारी की विभागीय जांच रिपोर्ट
इस आर्थिक अनियमितता का खुलासा भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के कार्यालय महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) –व्दितीय मध्य प्रदेश, ग्वालियर द्वारा की गई जांच में हुआ था। CAG REPORT के आधार पर पटवारी श्री मणिकांत जैन को सस्पेंड कर दिया गया था।
इसके बाद नायब तहसीलदार से डिपार्मेंटल इंक्वारी करवाई गई। विभागीय जांच में 87 कृषकों को 60 हजार रुपये से अधिक राहत राशि कुल राशि 27,35,920(सत्ताईस लाख पैंतीस हजार नो सौ बीस रुपये) में से 12,22,620 की राशि श्री जैन के स्वयं, पत्नी एवं दोनों बच्चों के बैंक खातों में जमा किये गये है, शेष राशि 15,13,300 नवल सिंह, शिशुपाल, रघुवीर, बैजनाथ, मलखान, दौजा, अतर सिंह, अमरूद, अवतार, कमलकांत एवं हक्की कुल 11 व्यक्तियों के खातों में जमा होना पाया गया है।
राशि 22,86,753 रूपये में से राशि 21,32,753 रुपये श्री मणिकांत जैन के खाता क्रमांक 672063037552, पत्नी श्रीमती संगीता के खाता क्रमांक 8025230933, खाता क्रमांक 20463936985 एवं पुत्र गण यश जैन का खाता क्रमांक 20308583620 एवं हर्ष जैन के खाता क्रमांक 917010074182077 तथा कंप्यूटर प्रो. के खाता क्रमांक 1431797916 में राशि 1,54,00 रुपये जमा होना पाया गया है जिसकी जांच में पाया गया कि श्री मणिकांत जैन के बैंक खाते में राशि 2,58,620/-, पत्नी श्रीमती संगीता जैन बैंक खाते में राशि 9,78,628/-, पुत्र यश जैन के खाते में राशि 6,45,171/- तथा हर्ष जैन के खाते में राशि 2,50,334/- इस प्रकार कुल राशि 21,32,753/- रुपये आपके एवं आपके परिवारजनों के खातों में जमा होना पाया गया है।
विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद पटवारी श्री मणिकांत जैन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाया गया और अब नियम अनुसार सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।








