कटनी में पटवारी की ‘डबल रिपोर्ट’ का खेल उजागर: प्रशासन को गुमराह करने पर एसडीएम ने रोकी वेतनवृद्धि
कटनी : शासकीय कार्यों में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर ग्राम ममार (तहसील रीठी) के हल्का पटवारी श्री कार्तिकेय वर्मा के विरुद्ध एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई है। एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी ने पटवारी वर्मा की एक वेतनवृद्धि (Increment) असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी के न्यायालय में एक अपील प्रकरण की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पटवारी श्री कार्तिकेय वर्मा ने एक ही विषयवस्तु और जमीन से संबंधित दो अलग-अलग राजस्व मामलों में पूरी तरह से विरोधाभासी (एक-दूसरे के विपरीत) प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत किए थे।
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पहली रिपोर्ट में बताया ‘विवादित’: पटवारी ने पहले प्रकरण में नामांतरण को लेकर आपत्ति प्राप्त होने का उल्लेख किया था। मामले को विवादित बताने के कारण ‘साइबर तहसील’ द्वारा उस प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।
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दूसरी रिपोर्ट में बताया ‘अविवादित’: इसके कुछ समय बाद, उसी जमीन के मामले में पटवारी ने जो दूसरी रिपोर्ट सौंपी, उसमें पूर्व में दर्ज किसी भी आपत्ति का कोई जिक्र नहीं किया। मामले को पूरी तरह ‘अविवादित’ बताते हुए नामांतरण की अनुशंसा (सिफारिश) कर दी गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय ने नामांतरण आदेश भी पारित कर दिया।
स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं, सिविल सेवा नियम के तहत कार्रवाई
एक ही विषय पर प्रशासन को भ्रमित करने वाली अलग-अलग रिपोर्ट देना प्रशासनिक प्रक्रिया की बेहद गंभीर त्रुटि माना गया। इस मामले में पटवारी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया।
इसे पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता मानते हुए एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी की एक वेतनवृद्धि रोकने का दंड अधिरोपित किया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रशासन की चेतावनी: जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या वित्तीय/प्रशासनिक गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी ऐसी गंभीर त्रुटि करने वाले कर्मचारियों पर इसी तरह की सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
कटनी में पटवारी की ‘डबल रिपोर्ट’ का खेल उजागर: प्रशासन को गुमराह करने पर एसडीएम ने रोकी वेतनवृद्धि
