Global Earthquake Wave: दुनिया भर में कांप रही धरती- वेनेजुएला-जापान के बाद अब पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप; 7 दिन में आए 11 बड़े झटके, मंडरा रहा बड़ा खतरा
अंतरराष्ट्रीय डेस्क: दुनिया भर में पिछले एक हफ्ते से भूकंपीय गतिविधियों (Seismic Activities) में अचानक आई अप्रत्याशित तेजी ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। इसी कड़ी में आज शनिवार सुबह पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप महसूस किया गया। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) के अनुसार, पाकिस्तानी समयानुसार सुबह लगभग 8:36 बजे आए इस भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 35 किलोमीटर (22 मील) गहराई पर था। गनीमत यह रही कि पाकिस्तान के बरखन क्षेत्र में आए इस झटके से फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन पिछले एक हफ्ते में दुनिया भर में आए 11 बड़े भूकंपों ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है।
7 दिन, 11 बड़े भूकंप: महा-विनाश का पूरा डेटा
पिछले एक सप्ताह में आए इन भूकंपों में से कई ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें वेनेजुएला को सबसे ज्यादा संरचनात्मक और मानवीय नुकसान उठाना पड़ा है। एक नजर डालते हैं पिछले कुछ दिनों के प्रमुख भूकंपों पर:
अति-विनाशकारी भूकंप (M 6.5 से ज्यादा तीव्रता)
- 7.5 तीव्रता: 24 जून — वेनेजुएला (युमारे के पास) – भीषण तबाही
- 7.2 तीव्रता: 24 जून — वेनेजुएला (7.5 तीव्रता का मुख्य फोरशॉक)
- 6.9 तीव्रता: 24 जून — जापान (कुजी के पास)
- 6.5 तीव्रता: 26 जून — फिलीपींस (सरंगनी के पास)
शक्तिशाली भूकंप (M 5.0 से ज्यादा तीव्रता)
- 5.4 तीव्रता: 27 जून (आज सुबह) — पाकिस्तान (बरखन के पास)
- 5.2 तीव्रता: 26 जून — पाकिस्तान (बरखन क्षेत्र)
- 5.7 तीव्रता: 26 जून — जापान (यमानासी/ओमुना क्षेत्र)
- 5.6 तीव्रता: 24 जून — उत्तरी कैलिफोर्निया (अमेरिका)
- 5.2 तीव्रता: 26 जून — निकारागुआ
- 5.1 तीव्रता: 26 जून — सोलोमन आइलैंड्स
24 जून रहा ‘ब्लैक डे’: वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले 7 दिनों में 24 जून का दिन सबसे ज्यादा एक्टिव रहा। इसी दिन वेनेजुएला में ‘डबलट भूकंप’ (दो बैक-टू-बैक बड़े झटके), जापान और कैलिफोर्निया में एक साथ धरती फटी थी।Global Earthquake Wave: दुनिया भर में कांप रही धरती- वेनेजुएला-जापान के बाद अब पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप; 7 दिन में आए 11 बड़े झटके, मंडरा रहा बड़ा खतरा
क्यों अचानक ‘पागल’ हो गई हैं पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेट्स?
भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार, धरती के भीतर अचानक बढ़ी इस हलचल के पीछे पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) का असंतुलन है:
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तनाव का अचानक रिलीज होना: पृथ्वी की बाहरी परत कई विशालकाय प्लेट्स में बंटी हुई है, जो साल में कुछ सेंटीमीटर एक-दूसरे की तरफ सरकती हैं। जब दो प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं, तो उनके बीच भारी दबाव (Preesure) बनता है।
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फॉल्ट लाइन पर फिसलन: जब यह दबाव बर्दाश्त की सीमा से बाहर हो जाता है, तो फॉल्ट लाइन की चट्टानें अचानक टूटकर फिसलती हैं। इससे निकलने वाली खतरनाक सिस्मिक वेव्स (Seismic Waves) जब पृथ्वी की सतह तक पहुंचती हैं, तो हमें भूकंप के भयंकर झटके महसूस होते हैं।
