पटवारी विवाद: डिप्टी सीएम से वार्ता के बाद सरकार ने सीएस को भेजी नोटशीट, लेकिन काम पर वापसी से इंकार; ‘स्वामित्व योजना’ का 50 लाख का लक्ष्य अटका
विशेष रिपोर्ट (यशभारत.कॉम): प्रदेशभर में पटवारियों पर हुई निलंबन और बर्खास्तगी की कड़ी कार्रवाइयों के बावजूद पटवारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। शुक्रवार को पटवारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) राजेंद्र शुक्ल से उनके निवास पर मुलाकात की।
इस अहम बैठक में पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ हाल ही में दंडात्मक कार्रवाई का शिकार हुए पटवारियों की बर्खास्तगी और निलंबन को तत्काल निरस्त करने की मांग रखी। पटवारी विवाद: डिप्टी सीएम से वार्ता के बाद सरकार ने सीएस को भेजी नोटशीट, लेकिन काम पर वापसी से इंकार; ‘स्वामित्व योजना’ का 50 लाख का लक्ष्य अटका
डिप्टी सीएम ने मानी मांगें जायज, सीएस को भेजी गई नोटशीट
बैठक में प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी और मप्र पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। वार्ता के बाद संघ के अध्यक्षों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने उनकी मांगों को उचित और जायज माना है।
सकारात्मक वार्ता के आधार पर सरकार के स्तर से एक सुधार नोटशीट तैयार कर मुख्य सचिव (CS) को भेजी गई है, जिस पर उच्च प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा और चर्चा चल रही है। संघ ने प्रदेशभर के पटवारियों से धैर्य बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की है। पटवारी विवाद: डिप्टी सीएम से वार्ता के बाद सरकार ने सीएस को भेजी नोटशीट, लेकिन काम पर वापसी से इंकार; ‘स्वामित्व योजना’ का 50 लाख का लक्ष्य अटका
“मांगें पूरी होने तक काम पर वापसी नहीं”
पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक उनकी वाजिब मांगें पूरी नहीं की जातीं और पटवारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, तब तक कोई भी पटवारी काम पर वापस नहीं लौटेगा। संघ ने दोहराया है कि वे पूरी ताकत और एकजुटता के साथ अपने आंदोलन पर कायम हैं।
‘स्वामित्व योजना’ का 50 लाख का लक्ष्य पूरी तरह ठप
पटवारियों के काम बंद आंदोलन और हड़ताल की वजह से राज्य सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ का काम पूरी तरह से ठप हो गया है:
लक्ष्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) पर शुरू की गई इस योजना के तहत 1 महीने के भीतर आबादी भूमि पर काबिज 50 लाख हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री देने का लक्ष्य तय किया गया था।
वर्तमान स्थिति: 1 महीने की समयसीमा पूरी होने में अब महज 8 दिन बचे हैं, लेकिन पटवारियों की हड़ताल और सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़े जाने के कारण प्रदेश में अब तक एक भी रजिस्ट्री दर्ज नहीं हो सकी है।



















