पर्युषण पर्व के पांचवें दिन पदम सागर महाराज ने की सत्यम धर्म पर चर्चा, हीरोपुक परिवार ने श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग.पंचायती मंदिर में दान किए चार एसी

कटनी(YASHBHARAT.COM)। जैन बोर्डिंग हाउस परिसर मेंं पर्वराज पर्यूषण पर्व के अवसर पर आचार्य शांतिसागर विद्या संस्कार केन्द्र पाठशाला के नन्हे-मुन्नें बच्चों द्वारा धार्मिक नाटक प्रस्तुत किये गये, जिसकी उपस्थितजनों ने सराहना की। कार्यक्रम का संचालन मंजू दीदी, रूची दीदी द्वारा किया गया। दिग.जैन सोशल ग्रुप मैन द्वारा भजन प्रतियोगिता का अनूठा कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिसका संचालन संजय सिंघई एवं ब्रजेश जैन द्वारा किया गया। चार्तुमास समिति के संयोजक द्वय सिंघई पंचम जैन, अरविन्द्र जैन कोयला ने शांतिधारा करने का सौभाग्य पदम कुमार विन्नी जैन, पीयूष एवं सिंघई मनोज कुमार अंकित जैन लल्लन परिवार को प्राप्त हुआ। अर्घ चढ़ाने का सौभाग्य, हाउसिंग बोर्ड पाठशाला की शिक्षिकाओं एवं बालकों द्वारा तथा दिग.जैन सोशल ग्रुप रायल के सदस्यों द्वारा किया गया। महावीर कीर्ति स्तभ में विश्व शांति हेतु युवाओं द्वारा 24 घंटे का णामोकार महामंत्र का अखण्ड पाठ रखा गया। चार्तुमास समिति के संयोजक द्वय पंचम जैन, अरविन्द्र जैन कोयला ने बतलाया कि पंचायत महासभा के अध्यक्ष संजय जैन, मंत्री विन्नी जैन ने बतलाया कि राजेश जैन गुड्डा, राकेश जैन, सुशील जैन हीरोपुक परिवार द्वारा स्व. समाजसेवी रतन चंद जैन श्रीमति कुसुम जैन की स्मृति में मेन रोड़ स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग.पंचायती मंदिर में 4 ए.सी.प्रदान किये गये। इस अवसर पर प.पू. 108 पदम सागर महाराज ने पर्व के 5 वें दिवस उत्तम सत्यधर्म पर चर्चा करते हुये कहां कि उत्तम सत्यधर्म वाणी तक सीमित नहीं है। वाणी तो सिर्फ माध्यम है परन्तु सत्य तो आत्मा के भावों में होता है। मुनिश्री ने आगे कहा कि सत्य को धारण करने के लिये परिग्रह को छोड़ना पड़ेगा क्योंकि परिग्रह को इकटठा करने के लिए तरह-तरह का झूठ बोलना पड़ता है। उन्होने आगे कहां कि विकारी भावों को अपने अंदर से हटाये एवं अपनी आत्मा की साधना करें एवं प्रभु के लिये समर्पण भावना रखे तभी आपका कल्याण संभव है।








