अब अस्थायी प्रमाणपत्र धारी दिव्यांगों को भी मिलेगा रेलवे में आरक्षण का लाभ

दिल्ली(YASHBHARAT.COM)। रेलवे बोर्ड ने दिव्यांग उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है। अब केवल दिव्यांगता प्रमाणपत्र पर ‘अस्थायी’ शब्द लिखे होने के आधार पर किसी का आवेदन निरस्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार की दिव्यांगता स्थायी प्रकृति की है, यानी समय के साथ ठीक होने की कोई संभावना नहीं है, तो उसे आरक्षण के उद्देश्य से स्थायी दिव्यांग माना जाएगा।
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (स्थापना) गौतम मीहाली ने 16 जनवरी को उत्तर मध्य रेलवे सहित सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं मामलों में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, जिन प्रमाणपत्रों पर स्पष्ट रूप से ‘सुधार की संभावना’ अंकित हो।
पहले ‘अस्थायी’ शब्द होने के कारण कई उम्मीदवारों के आवेदन खारिज हो जाते थे। अब ऐसे उम्मीदवारों को दिव्यांगजन अधिकार नियम (संशोधन) 2024 के तहत दोबारा जांच कराकर पात्रता साबित करने का अवसर दिया जाएगा। भविष्य की सभी भर्तियों के विज्ञापनों में इन शर्तों को स्पष्ट रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेलवे दिव्यांग यात्रियों को देता है रियायत
गौरतलब है कि भारतीय रेलवे दिव्यांग यात्रियों को रियायती टिकट, आरक्षित बर्थ (स्लीपर में 4, 3AC में 2), व्हीलचेयर सुविधा, और विशेष कोच जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। दिव्यांगजन आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से यूडीआईडी (UDID) या मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर ऑनलाइन दिव्यांगजन आईडी कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रमुख विवरण:=
रियायतें: शारीरिक रूप से विकलांग, अंधे, मानसिक रूप से विकलांग, बहरे और गूंगे व्यक्तियों को रियायतें मिलती हैं।
आवेदन प्रक्रिया: दिव्यांगजन इस पोर्टल पर रजिस्टर करके आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक है।
सहायक (Escort): रियायती टिकट पर सहायक का नाम बदलने की सुविधा अब उपलब्ध है।
हेल्पलाइन: सहायता के लिए 24*7 हेल्पलाइन नंबर 044-25354457 या 138 का उपयोग करें।
दिव्यांगजन आईडी कार्ड के लिए यूडीआईडी (UDID) कार्ड मान्य है, और 35 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए यह आजीवन वैध हो सकता है।








