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कटनी में ‘डिजिटल शिक्षा’ का नया अध्याय: QR कोड से ‘स्मार्ट’ होंगे सरकारी स्कूल, बिना शिक्षक वाले स्कूलों में भी अब नहीं रुकेगी पढ़ाई

कटनी । शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए पहचाने जाने वाले कटनी जिले ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर आशिष तिवारी के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ हरसिमरन प्रीत कौर के मार्गदर्शन में डाइट (DIET) कटनी ने कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘विषयवार QR कोड’ प्रणाली विकसित की है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को तकनीक के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना है।

क्या है यह ‘स्मार्ट’ नवाचार?

डाइट कटनी ने हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के हर चैप्टर (अध्याय) के लिए विशेष QR कोड तैयार किए हैं। इन कोड्स को स्कैन करते ही उस विशेष अध्याय का ‘यूट्यूब लर्निंग लिंक’ सक्रिय हो जाएगा।

पहल की मुख्य विशेषताएं:

  • शिक्षकों की कमी का समाधान: जिले के ऐसे सुदूर विद्यालय जहां शिक्षकों की कमी है, वहां स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से इन क्यूआर कोड्स का उपयोग कर कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी।

  • पालकों की भागीदारी: इस तकनीक के माध्यम से पालक अपने घर पर भी बच्चों को मोबाइल के जरिए रचनात्मक शिक्षा से जोड़ सकते हैं, जिससे मोबाइल का उपयोग केवल मनोरंजन के बजाय ज्ञान अर्जन के लिए होगा।

  • सेल्फ-लर्निंग: छात्र स्वयं भी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विषय के किसी भी चैप्टर को पढ़ और सीख सकते हैं।

विशेषज्ञों का सहयोग

इस डिजिटल क्रांति को धरातल पर उतारने में राज्य शिक्षा केन्द्र के ओआईसी श्री विनोद द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश अग्रहरी और जिला परियोजना समन्वयक श्री पी.एन. तिवारी का विशेष योगदान रहा है। प्राचार्य डाइट कटनी ने इस पहल को ‘विकसित भारत’ के संकल्प की दिशा में एक छोटा लेकिन मजबूत कदम बताया है।

प्रशासन की अपील

कलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी शिक्षकों, पालकों और बच्चों से इन क्यूआर कोड्स का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तकनीक और शिक्षा का यह समन्वय जिले के शैक्षणिक स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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