दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतना और निर्देशों की अवहेलना करना निगम कर्मी को पड़ा भारी,निगमायुक्त परिहार ने की सख्त कार्रवाई, सफाई संरक्षक दीपक मलिक को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित,आवारा पशुओं के नियंत्रण, सफाई व्यवस्था और जनशिकायतों के निराकरण में बरती जा रही थी उदासीनता
कटनी। नगर की सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं के नियंत्रण और नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतना तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करना नगर निगम के एक कर्मचारी को भारी पड़ गया। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने कार्यदायित्वों के प्रति उदासीनता और जवाबदेही के अभाव को गंभीरता से लेते हुए सफाई संरक्षक श्री दीपक मलिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निगमायुक्त की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों में लापरवाही और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यवस्थाओं में नहीं दिखा अपेक्षित सुधार
जारी निलंबन आदेश के अनुसार, श्री मलिक को नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के नियंत्रण के साथ आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए हांका गैंग, अमीरगंज गौशाला और झिंझरी स्थित कांजी हाउस का प्रभार सौंपा गया था। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी बनी रही। सफाई व्यवस्था से संबंधित शिकायतें भी सामने आती रहीं, वहीं समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाशित हो रही समस्याओं के निराकरण में भी अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर बढ़ी प्रशासनिक सख्ती
संबंधित कर्मचारी से पूर्व में कार्यालय द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बावजूद श्री मालिक द्वारा निर्धारित निर्देशों के अनुरूप जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के साथ नोटिस की अनदेखी को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया और निलंबन की कार्रवाई की।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित
निलंबन आदेश में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आवारा पशुओं और साफ-सफाई से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित रहने का उल्लेख किया गया है। शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण नहीं होने से नगर निगम की ग्रेडिंग भी प्रभावित हुई। नागरिकों की समस्याओं के समाधान में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाना प्रशासनिक जवाबदेही के विपरीत पाया गया।
कांजी हाउस की व्यवस्थाओं में उदासीनता
श्री मलिक को अमीरगंज गौशाला एवं झिंझरी स्थित कांजी हाउस में साफ-सफाई और पशुओं के समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। आदेश के अनुसार, इन व्यवस्थाओं के संचालन में भी अपेक्षित गंभीरता और सक्रियता का अभाव सामने आया। इस प्रकार, सौंपे गए दायित्वों के समुचित निर्वहन में लापरवाही बरतने कब कृत्य माना गया।
सेवा नियमों के उल्लंघन
निगमायुक्त तपस्या परिहार द्वारा संबंधित कर्मचारी के कृत्यों को कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियमों के उल्लंघन के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में श्री मलिक को जोन कार्यालय क्रमांक-03 के खिरहनी उपकार्यालय में संबद्ध किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
लापरवाही पर जवाबदेही होगी तय
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की शिकायतों के निराकरण जैसे जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। निर्देशों की अवहेलना, शिकायतों की अनदेखी और कार्यों में उदासीनता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।














