जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कुदरत का कहर: बादल फटने और फ्लैश फ्लड से 15 की मौत; 30 घर बहे, कई सड़कें बंद
पुंछ/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले पुंछ में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जिले में बादल फटने (Cloudburst) और उसके बाद आए अचानक फ्लैश फ्लड (Flash Flood) के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 15 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें से 8 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
दरा संगला गांव में विनाश का मंजर, 30 घर पूरी तरह बहे
पुंछ जिले का दरा संगला गांव इस आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना है, जहां कल बादल फटने की भयावह घटना हुई थी: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कुदरत का कहर: बादल फटने और फ्लैश फ्लड से 15 की मौत; 30 घर बहे, कई सड़कें बंद
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मलबे में तब्दील हुआ गांव: फ्लैश फ्लड के तेज बहाव में गांव के करीब 30 घर पूरी तरह बह गए हैं। पूरा पहाड़ी नाला इस समय उफनती हुई नदी का रूप ले चुका है।
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शवों की तलाश जारी: इस अकेले गांव में चार लोगों की मौत हुई है, लेकिन मलबे और तेज बहाव के कारण अब तक केवल एक ही शव बरामद किया जा सका है। इलाके में अब भी खतरा मंडरा रहा है।
किश्तवाड़ और डोडा जिलों में भी तबाही, 100 सड़कें अब भी बंद
भारी बारिश और आपदा का यह कहर सिर्फ पुंछ तक सीमित नहीं है, बल्कि किश्तवाड़ और डोडा जिलों में भी हालात बेहद गंभीर हैं:
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भूस्खलन से थमे पहिये: लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslides) के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की लाइफलाइन मानी जाने वाली कई सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं।
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सड़क बहाली का काम जारी: जिला प्रशासन के मुताबिक, बारिश और मलबे के कारण कुल 210 सड़कें प्रभावित हुई थीं। इनमें से कड़ी मशक्कत के बाद 110 सड़कों को दोबारा बहाल कर दिया गया है, जबकि लगभग 100 सड़कें अब भी क्षतिग्रस्त हैं जिन्हें खोलने का काम जारी है।
ग्राउंड जीरो पर पहुंची बीजेपी, मुआवजे की मांग को लेकर सरकार को घेरा
इस भीषण आपदा के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा और रविंद्र रैना के नेतृत्व में प्रभावित गांव दरा संगला पहुंचा।
“पुंछ और राजौरी के लोगों को इस आपदा में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्हें तुरंत राहत सामग्री और उचित मुआवजे की जरूरत है। हम इस पूरे नुकसान का आकलन कर एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मदद मिल सके।”
— रविंद्र रैना, बीजेपी नेता
“जनता संकट में, सरकार दिल्ली में व्यस्त”
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने मौजूदा राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इतनी बड़ी आपदा के बावजूद न तो मुख्यमंत्री और न ही स्थानीय विधायक पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग अपनों को और अपने आशियाने को खो चुके हैं, जबकि सरकार के प्रतिनिधि दिल्ली के ‘संविधान क्लब’ के कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी ने आश्वासन दिया है कि पार्टी की ओर से जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भिजवाई जाएगी।
— जम्मू ब्यूरो, विशेष कवरेज
