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National Youth Day 2021: स्टेशन मास्टर ने मांगी भीख, विवेकानंद ने पिया हुक्का

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National Youth Day 2021: बात सन् 1886 की है। यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद हाथरस स्टेशन पर उतरे। वहां उनका स्वास्थ्य खराब हो गया। हाथरस के स्टेशन मास्टर सुरेंद्र गुप्ता ने स्वामीजी को अपने घर ले जाकर सेवा की और उनसे इतने प्रभावित हुए कि स्वयं भी संन्यास लेने की इच्छा प्रकट कर दी।

स्वामीजी ने शर्त रखी, ‘क्या तुम ये मेरी झोली उठाकर अपने कुली और खलासी आदि से भिक्षा मांग सकते हो।’ स्टेशन मास्टर ने झोली उठाई।

स्टेशन पर ही लोगों से भीख मांगी और स्वामीजी को अर्पित की। ये ही सुरेंद्र गुप्ता स्वामीजी के पहले शिष्य हुए।

 

हाथरस से पैदल जाते हुए रास्ते में उन्हें एक मैला-कुचैला व्यक्ति हुक्का पीते हुए दिखाई दिया। स्वामीजी उसके पास गए और हुक्का मांगा। वह व्यक्ति पीछे हट गया और बोला, ‘मैं मेहतर हूं। मैं आपको हुक्का नहीं दे सकता।’ स्वामीजी वहां से चल दिए।

कुछ दूर जाकर वापस पलटकर आए और उस व्यक्ति से हुक्का लेकर पीया और मन में सोचा, ‘मैं तो संन्यासी हूं। मुझे इस प्रकार के भेदभाव से ऊंचा उठाना चाहिए।’

 

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