Muri Express Going to Jammu Tawi Hadsa: चलती ट्रेन में डकैती: कई राउंड फायरिंग, दुधमुंहे बच्चे को उल्टा लटकाकर धमकाया, पीड़ितों की जुबानी खौफ की कहानी
ओडिशा के संभलपुर से चलकर जम्मूतवी जा रही मुरी एक्सप्रेस में शनिवार की रात डकैतों ने धावा बोल दिया। 10 से 12 की संख्या में नकाबपोश डकैतों ने चलती ट्रेन की स्लीपर बोगी में घुसकर लूटपाट की। यात्रियों को पीटा और उनके पास मौजूद नकदी-जेवरात समेत अन्य सामान लूट लिया।
डकैतों ने कई राउंड फायरिंग भी की। यात्रियों को धमकाने के लिए दुधमुंहे बच्चे को उल्टा लटका दिया। घटना झारखंड के लातेहार से बरवाडीह स्टेशन के बीच हुई। यूपी सीमा से सटे डाल्टनगंज में ट्रेन पहुंचने पर यात्रियों ने हंगामा मचाया। यहां घायल यात्रियों के उपचार के बाद ट्रेन कड़ी सुरक्षा में सुबह सात बजे सोनभद्र के चोपन स्टेशन पहुंची।
यात्रियों के मुताबिक लातेहार से ट्रेन जैसे ही आगे बढ़ी एक-एक कर 10-12 डकैत बोगी में चढ़ गए। अधिकांश ने काले कपड़े से अपना चेहरा ढक रखा था। रात के करीब सवा 11 बज रहे थे, इसलिए ज्यादातर यात्री नींद में थे। ट्रेन के स्पीड पकड़ते ही डकैतों ने असलहा निकाल लिया और मारपीट शुरू कर दी। दो के पास मोटी लाठी और अन्य के पास देसी पिस्टल थी।
खौफ के वो आधे घंटे कभी नहीं भूलेंगे
लोग कुछ समझ पाते तब तक डकैतों ने फायरिंग भी कर दी। पूरी बोगी के लोग दहशत में आ गए। डकैतों ने सबके पास मौजूद नकदी लूट ली। महिलाओं के आभूषण उतरवा लिए।
जिसने भी ना-नुकूर की, उसे असलहे की बट से पीटा भी। मुरी एक्सप्रेस की एस-9 बोगी में सफर कर रहे यात्री यह वृतांत बताते हुए बुरी तरह सहमे हुए थे। घटना के सात घंटे बाद भी उनके चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था।
संभलपुर से मिर्जापुर जा रहे फिरोज अहमद ने बताया कि डकैतों ने काले कपड़े से मुंह ढक रखा था। हाथों में असलहा था। सामान भी ले गए और मारापीटा भी। रायबरेली निवासी महेश ने बताया कि बदमाशों ने मेरे करीब 30 हजार रुपये नकद लूट लिया।
पत्नी के गहने लूट लिए। विरोध करने पर हमारे दुधमुंहे बच्चे को उल्टा लटकाकर धमकाने लगे। बांदा निवासी उदित नारायण ने बताया कि वह अपनी मां और बहन के साथ संभलपुर में नाना के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे। बदमाशों ने उनका मोबाइल, पर्स में रखे रुपये लूट लिए।
दूसरी बोगी में थे टीटीई
गाजियाबाद की निवासी रिमझिम सिंह ने बताया कि बदमाशों ने उनके सोने की चेन, कान की बाली लूट लिया। विरोध करने पर उनके पुत्र आदित्य (10) की पिटाई की। रोशन कुमार का कहना था कि डकैतों ने महिलाओं के आभूषण उतरवा लिया। जिसने भी मना किया, उसके साथ अभद्रता और मारपीट कर रहे थे। उनके भय से ज्यादातर लोग अपने पास मौजूद सामान खुद सौंप दे रहे थे। अजय कुमार ने बताया कि घटना के वक्त टीटीई दूसरी बोगी में थे। डकैतों के जाते ही यात्रियों ने उन्हें बताया। आरपीएफ के आने के बाद भी रात भर नींद उड़ी रही। सुबह सात बजे ट्रेन के चोपन पहुंचने के बाद एटीएम तौसीफउल्लाह की मौजूदगी में मेडिकल स्टाफ ने घायल यात्रियों का दोबारा उपचार किया। उन्हें बिस्किट, पानी आदि देकर आगे रवाना किया गया।
यात्रियों ने बताया कि डकैतों ने शराब पी रखी थी। एक ही उम्र करीब 40 वर्ष थी, जबकि अन्य 25-30 वर्ष के थे। वह हिंदी में बातचीत कर रहे थे और फुल पैंट-सर्ट पहने हुए थे। दो डकैतों के पास मोटी लाठी और अन्य के पास देसी पिस्टल थी। यात्रियों के बताए अनुसार आरपीएफ ने इस रूट पर आने वाले गांवों में सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुई घटना
मुरी एक्सप्रेस में जिस जगह घटना हुई, वह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है। इस रूट पर पूर्व में भी कई छोटी-मोटी घटनाएं होती रही है, लेकिन पहली बार डकैती की दुस्साहसिक वारदात ने रेलवे सुरक्षा बल की नींद उड़ा दी है।








