बकाया कर अदायगी न करने पर निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार की सख्त कार्रवाई,10 बड़े बकायेदारों को जारी किया वारंट

बकाया कर अदायगी न करने पर निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार की सख्त कार्रवाई,10 बड़े बकायेदारों को जारी किया वारं
कटनी – नगर निगम प्रशासन द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए जहां एक ओर नागरिकों को सुगमता से बकाया करों को जमा करनें हेतु विशेष शिविरों के साथ अवकाश के दिनों में भी निगम एवं जोन कार्यालय के कैश काउंटर खुला रखने की सुविधा प्रदान की जा रही है। वहीं बड़े बकायेदारों से बकाया करों की वसूली को लेकर सख्ती प्रारंभ कर दी गई है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा मध्य प्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धाराओं के तहत निगम ने 10 बड़े बकायेदारों धारकों के विरुद्ध वसूली वारंट जारी कर तामीली की कार्यवाही आर एस आई मुकेश राजपूत, प्रकाश पांडे की मौजूदगी में की गई। जारी आदेश में उल्लेख है कि निर्धारित समयावधि में बकाया राशि जमा नहीं किए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
तीन वार्डो के 10 धारक शामिल
नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार आई.ए.एस ने जिन 10 धारकों को वारंट जारी किया है उनमें संत कंवर राम वार्ड निवासी तीन धारकों पर क्रमश 176788 रुपये, 122018 रूपये तथा 210728 रुपये बकाया है। इसके अलावा गुरुनानक वार्ड के तीन धारकों पर 66807 रुपये, 100533 रुपये व 76972 रुपये बकाया है। वहीं नेहरू वार्ड के भी चार धारकों पर 127629 रुपये, 406634 रुपये, 201473 रुपये 146477 रुपये बकाया है।
पूर्व में भी दी गई थी सूचना
उल्लेखनीय है कि जारी वारंट में संबंधित बकायेदारों को राशि जमा करने हेतु विधिवत सूचना दी गई थी, किन्तु 30 दिवस के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इसके उपरांत निगम के अधिनियम की धारा 175 के प्रावधानों के अंतर्गत वारंट जारी करते हुए बकाया वसूली के लिए चल-अचल संपत्ति के अभिहरण, कुर्की एवं विक्रय की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
28 फरवरी तक जमा करना होगा बकाया कर
आदेश में बकायेदारों को यह भी स्पष्ट किया गया है कि वारंट के निष्पादन हेतु अधिकृत अमला सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच आवश्यकतानुसार परिसर में प्रवेश कर सकता है। संबंधित पक्ष को निर्देशित किया गया है कि 28 फरवरी 2026 तक या वारंट के निष्पादन से पूर्व बकाया राशि जमा कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों एवं निगम स्वामित्व की दुकानों के किरायेदारों से अपील की है कि वे अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए समय पर करों का भुगतान करें तथा किसी भी शंका के निराकरण हेतु निगम कार्यालय से संपर्क करें।








