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MRMS Army भारतीय सेना में लोकेशन जरूरत के हिसाब से बदल सकता है, क्या है खासियत?

mobile reactive mine system

MRMS Army भारतीय सेना में लोकेशन जरूरत के हिसाब से बदल सकता है, क्या है खासियत?  भारतीय सेना ने दुश्मनों का पता लगाने और उनके खात्मे के लिए मोबाइल रिएक्टिव माइन सिस्टम (MRMS) तैयार किया है. ये आने वाले समय में इंडियन आर्मी में शामिल किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में, बॉर्डर पर दुश्मन को पीछे खदेड़ने के लिए किया जाएगा.

भारतीय सेना ने दुश्मन पर घातक हमला करने और फ्यूचर वॉरफेयर को ध्यान में रखते हुए मोबाइल रिएक्टिव माइन सिस्टम (एमआरएमएस) तैयार किया है. ये भविष्य में भारतीय सेना की रोबोटिक फोर्स का हिस्सा बन सकता है. अभी तक आपने सिर्फ रोबोटिक म्यूलर और रोबोटिक डॉग्स देखे थे. अब रोबोटिक या मोबाइल माइन को तैयार किया गया है, जो एक मकड़ी के आकार की लगता है.

ये मोबाइल माइन युद्ध के मैदान में चल कर अपनी लोकेशन जरूरत के हिसाब से बदल सकता है. जंगल, पहाड़, रेगिस्तान और हाई एल्टीट्यूड एरिया में भी आर्मी इसका इस्तेमाल दुश्मन के परखच्चे उड़ाने के लिए कर सकती है. इसको हैंडल करना भी काफी आसान है. इसको ऐसे डेवलप किया गया कि यह भारतीय सेना की मदद कर सकें.

मोबाइल रिएक्टिव माइन सिस्टम को मेजर राज प्रसाद ने डिजाइन किया है.

मकड़ी के आकार का है मोबाइल माइन
मोबाइल माइन को पहली बार देखने पर आपको यह एक मकड़ी जैसा लगेगा. इसको इस डिजाइन से तैयार किया गया है कि किसी भी हालात में ये काम कर सके. इस मकड़ी नुमा मोबाइल माइन को ड्रोन के जरिए दुश्मन के इलाके में भी ड्रॉप कर सकते हैं. भारतीय सेना के इस नए इनोवेशन को मेजर राज प्रसाद ने डिजाइन किया है. ये मोबाइल माइन अपने सारे ट्रायल्स पूरे कर चुकी है. मोबाइल माइन एक एंटी टैंक हथियार है, जो दुश्मन के किसी भी टैंक, बीएमपी या बंकर के अंदर जा कर विस्फोट कर सकती है.

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इसका इस्तेमाल आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में, बॉर्डर पर दुश्मन को पीछे खदेड़ने के लिए और बॉर्डर पर लॉजिस्टिक्स ड्रोन के रूप में भी किया जा सकता है. वहीं, इसके सेना में शामिल करने से यह देश की सीमा पर पहरेदार की भूमिका निभाएगा. साथ ही सेना को दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई में भी मजबूत योगदान करेगा. इसके सेना में शामिल होने से भारतीय सैनिकों को सामने आने वाले खतरे को पता लगाना आसान हो जाएगा.

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