GAD ने तैयार किया ड्राफ्ट, सीएम सचिवालय को भेजा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट पहले ही तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। आज होने वाली कैबिनेट बैठक में यदि इस ड्राफ्ट को मंजूरी मिल जाती है, तो नई नीति तत्काल प्रभाव से लागू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।

दो स्तरों पर किए जाएंगे तबादले

राज्य सरकार प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए दो अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर प्रक्रिया अपनाती है:

  1. पहला स्तर: इसमें उन अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल किया जाता है, जो लंबे समय से एक ही स्थान या सीट पर जमे हुए हैं।

  2. दूसरा स्तर: इसमें ऐसे अधिकारी आते हैं जिनकी कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें मिली हैं या जिन पर सवाल उठे हैं। इसके अलावा, गंभीर बीमारी, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से स्वेच्छिक (Voluntary) आधार पर ट्रांसफर चाहने वाले कर्मचारियों को भी आवेदन का मौका मिलेगा।

मंत्रियों को मिलेंगे ये अधिकार, प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन

इस बार राज्य सरकार तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू करने जा रही है। नई नीति के तहत अधिकारों का विभाजन इस प्रकार हो सकता है:

  • विभागीय मंत्री: इन्हें एक जिले से दूसरे जिले (अंतर-जिला) में कर्मचारियों का तबादला करने की अनुमति रहेगी।

  • प्रभारी मंत्री: इन्हें केवल अपने प्रभार वाले जिले के भीतर (इंट्रा-जिला) ही प्रशासनिक फेरबदल करने का अधिकार दिया जाएगा।

विशेष मामलों में, ट्रांसफर के आवेदन सबसे पहले विभाग प्रमुखों (HoD) के पास जाएंगे, जिसके बाद उन्हें विभागीय मंत्री या जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष अंतिम निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

पिछली नीति का रिकॉर्ड: गौरतलब है कि पिछले वर्ष 1 मई से प्रदेश में तबादले शुरू किए गए थे। उस दौरान पहली बार चार अलग-अलग स्लैब बनाए गए थे और प्रशासनिक सुगमता के लिए तबादलों का दायरा 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था। इस बार भी नई नीति में पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है।