तहसीलदार की गैरहाजिरी पर भड़के सांसद शिवमंगल तोमर, बोले– “बेहद ढीट महिला है, इसे देखिए”

मुरैना। बानमोर कस्बे में नेशनल हाईवे क्रमांक–44 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर गुरुवार को शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के दौरान उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई, जब सांसद शिवमंगल तोमर ने तहसीलदार बानमोर की गैरमौजूदगी पर कलेक्टर से फोन पर तीखी नाराजगी जाहिर की।
धरना स्थल पर पहुंचे सांसद शिवमंगल तोमर ने कलेक्टर से मोबाइल पर चर्चा करते हुए कहा कि वे स्वयं मौके पर पहुंच चुके हैं, लेकिन तहसीलदार ग्वालियर से यहां नहीं आईं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह बेहद ढीट महिला है। चाहतीं तो एसडीएम से या सीधे आपसे चर्चा कर सकती थीं और स्थानीय लोगों का ज्ञापन आप तक पहुंचाया जा सकता था।
दरअसल, बानमोर कस्बे के बीचों-बीच से गुजरने वाला नेशनल हाईवे क्रमांक–44 लोगों के लिए ‘मौत का रास्ता’ बनता जा रहा है। यहां ऐसा शायद ही कोई महीना गुजरता हो, जब आधा दर्जन के करीब लोग तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान न गंवाते हों। सड़क पार करते समय या हाईवे से गुजरते हुए आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिससे कस्बेवासियों में भारी आक्रोश है।
इन्हीं दुर्घटनाओं से परेशान होकर स्थानीय नागरिकों ने भैरव मंदिर के सामने हाईवे किनारे टेंट लगाकर फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक फ्लाईओवर या सुरक्षित विकल्प नहीं बनाया जाएगा, तब तक जानलेवा हादसों पर रोक नहीं लग सकती।
धरना स्थल पर सांसद की मौजूदगी और प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति ने माहौल को और गर्म कर दिया। सांसद शिवमंगल तोमर ने स्पष्ट संकेत दिए कि जनता की सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा गंभीर है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि बानमोर की इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कब और कैसे।








