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MP News: मध्य प्रदेश में गूगल का बड़ा धमाका- इंदौर में खुलेगा ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’, 10 हजार AI डेवलपर्स बदलेंगे सिंहस्थ और प्रशासन की तस्वीर

MP News: मध्य प्रदेश में गूगल का बड़ा धमाका- इंदौर में खुलेगा ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’, 10 हजार AI डेवलपर्स बदलेंगे सिंहस्थ और प्रशासन की तस्वीर।  मध्य प्रदेश को देश का सबसे एडवांस और तकनीकी रूप से समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा कदम उठाया है। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गूगल क्लाउड इंडिया (Google Cloud India) के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग हुई। इस बैठक में राज्य के प्रशासनिक तंत्र को और बेहतर बनाने तथा साल 2028 में उज्जैन में होने वाले ‘सिंहस्थ महाकुंभ’ (Simhastha 2028) को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सहयोग पर अंतिम मुहर लगाई गई।

MP News: मध्य प्रदेश में गूगल का बड़ा धमाका- इंदौर में खुलेगा ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’, 10 हजार AI डेवलपर्स बदलेंगे सिंहस्थ और प्रशासन की तस्वीर

इंदौर में स्थापित होगा ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’

बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई ने एक बेहद बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच जल्द ही एक बड़ा करार (MoU) होने जा रहा है।

  • 10,000 डेवलपर्स को मिलेगा मौका: इस पार्टनरशिप के तहत प्रदेश की बिजनेस कैपिटल इंदौर में एक अत्याधुनिक ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ (Center for Excellence) की स्थापना की जा रही है।

  • ग्लोबल स्तर पर काम: इस सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा। ये डेवलपर्स न सिर्फ मध्य प्रदेश और भारत बल्कि पूरे ‘ग्लोबल साउथ’ (South Global) देशों को रियल-टाइम एआई नीड और टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।

AI से बदलेगी कृषि, शिक्षा और वन विभागों की सूरत

गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वत्तल और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हाल ही में हुई एआई समिट के दौरान मध्य प्रदेश सरकार से उन्हें जो अभूतपूर्व सहयोग मिला है, उससे कंपनी बेहद उत्साहित है।

इसी से प्रेरित होकर गूगल क्लाउड अब मध्य प्रदेश के प्रमुख विभागों को एआई (AI) के जरिए स्मार्ट और सशक्त बनाने जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • कृषि (Agriculture): फसलों की निगरानी और मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए।

  • शिक्षा और वन विभाग: डेटा एनालिसिस और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए।

  • महिला एवं बाल विकास विभाग: योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए।

‘सिंहस्थ-2028’ को सुरक्षित और विश्व स्तरीय बनाएगा गूगल का AI

इस बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण रहा साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ। करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा के लिए गूगल अपने सबसे एडवांस्ड एआई और डिजिटल सॉल्यूशंस सरकार को देने के लिए तैयार है।

गूगल के पदाधिकारियों के मुताबिक, सिंहस्थ के दौरान निम्नलिखित व्यवस्थाओं को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जाएगा:

1. क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ प्रबंधन): एआई कैमरों और सेंसर्स की मदद से घाटों और मुख्य चौराहों पर भीड़ का लाइव आकलन किया जाएगा, जिससे भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। 2. स्मार्ट ट्रैफिक संचालन: वीआईपी मूवमेंट और आम श्रद्धालुओं की गाड़ियों के रूट को ऑटोमैटिक एआई सिग्नलिंग के जरिए सुव्यवस्थित किया जाएगा। 3. नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं: किसी भी इमरजेंसी या मेडिकल अलर्ट की स्थिति में एआई सिस्टम तुरंत निकटतम सुरक्षा टीम और एम्बुलेंस को अलर्ट भेजेगा।

बैठक में ये रहे मौजूद: इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) एम. सेल्वेन्द्रम के साथ गूगल क्लाउड इंडिया की ओर से मदन ओबेरॉय, पंकज शुक्ला, लोकेश लोहिया, डॉ. श्रुति गाडगिल और विजय गुंजाटे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गूगल के इस महा-निवेश और तकनीकी सहयोग से मध्य प्रदेश आने वाले समय में देश के सबसे बड़े आईटी और एआई हब के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि