MP News स्वयं को मृत साबित करने के लिए दोस्त की हत्या करने वाले दोषी को फांसी की सजा
MP News ख़ुद को मृत साबित करने के लिए दोस्त की हत्या कर उसके शव को जलाने दोषी रजत सैनी को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह सजा सोमवार को राजधानी के विशेष न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार टाडा के न्यायालय ने सुनाई। छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
रजत सैनी ग्वालियर जेल में बंद था, जहां से पैरोल पर छूटने के बाद उसने भोपाल की अमलतास कालोनी निवासी अपने दोस्त अमन दांगी की जुलाई 2022 में हत्या कर शव को जला दिया था। दोषी रजत ने गुना में अगस्त 2018 में नाबालिग का अपहरण कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। एक मामले में उसे वर्ष 2019 में आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई गई थी। जबकि उसके खिलाफ भोपाल व ग्वालियर में दो अन्य मामलों में सजा हो चुकी है।
यह था मामला
खजूरी सड़क पुलिस के मुताबिक फरियादी जगदीश अहिरवार के मुताबिक रजत सैनी अमलतास कालोनी निवासी संजय अहिरवार के मकान में किराये से रहता था। उसके साथ उसका दोस्त अमन दांगी भी रहता था। यह मकान कुछ दिनों से खुला नहीं था। बाहर ताला लगा था।
जब दोनों की खोज खबर ली तो रजत व उसके दोस्ता का पता नहीं चला। जिसके बाद 14 जुलाई 2022 को दीवार पर चढ़कर कमरे में झांका तो एक व्यक्ति का अधजला शव दिखाई दिया। जिसकी सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में पाया कि रजत सैनी ने स्वयं को मृत साबित करने के लिए दोस्त की हत्या कर उसके शव को जलाने की कोशिश की थी।
पुलिस के मुताबिक जब उक्त मकान की तलाशी ली गई तो वहां से कम्प्यूटर, प्रिंटर व सीपीयू मिला था जिसका उपयोग 500 के नकली नोट बनाने के लिए किया जाता था। इस मामले में भी रजत सैनी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

