MP हाई कोर्ट का अहम फैसला: पिता के ओवरएज होने पर बेटे को अनुकंपा नियुक्ति वैध
MP हाई कोर्ट का अहम फैसला: पिता के ओवरएज होने पर बेटे को अनुकंपा नियुक्ति वैध

MP हाई कोर्ट का अहम फैसला: पिता के ओवरएज होने पर बेटे को अनुकंपा नियुक्ति वैध। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने अपने एक आदेश में साफ किया कि आवेदन के समय पत्नी की मृत्यु के बाद पिता ओवरएज हो गए थे, इसलिए बेटे को दी गई अनुकंपा नियुक्ति वैधानिक है।
MP हाई कोर्ट का अहम फैसला: पिता के ओवरएज होने पर बेटे को अनुकंपा नियुक्ति वैध
इस मत के साथ एकलपीठ ने उस आदेश को निरस्त कर दिया गया, जिसके तहत सात वर्ष सेवा करने के बाद बेटे को दी गई अनुकंपा नियुक्ति की सेवा समाप्त कर दी गई थी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को बहाल करें।
याचिकाकर्ता खंडवा निवासी राहुल खरे की ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता की मां शिक्षा कर्मी के रूप में पदस्थ थीं। वर्ष 2006 में उनकी मृत्यु हो गई। याचिकाकर्ता के आवेदन पर उसे 2009 को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई।








