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MP HC का महत्वपूर्ण फैसला, जनरल की रिक्त सीट पर रिजर्व को अनुकंपा नियुक्ति वैध

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि जनरल कैटेगिरी के लिए निर्धारित रिक्त सीट पर रिजर्व कैटेगिरी की आवेदक को दी गई अनुकंपा नियुक्ति निरस्त किए जाने योग्य नहीं है। लिहाजा, एकलपीठ के पूर्व आदेश को विधिसम्मत पाते हुए उसके खिलाफ राज्य शासन की अपील खारिज की जाती है।

मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता दीपा महोबिया की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता को नगर निगम छिंदवाड़ा में 2012 में विधिवत अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी।

जिसके बाद उसने सेवा देना शुरू कर दिया। लेकिन अचानक इस आधार पर 2013 में अनुकंपा नियुक्ति निरस्त कर दी गई कि रिजर्वेशन रोस्टर के मुताबिक नियुक्ति अनुचित थी। एससी की कोई सीट रिक्त नहीं थी और याचिकाकर्ता के एससी होने के बावजूद उसे जनरल कैटेगिरी की सीट पर नियुक्ति देने की गलती की गई थी।

बहस के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने रिजर्वेशन पॉलसी का हवाला देते हुए नौकरी से निकालने के कदम का विरोध किया। उन्होंने रिजर्वेशन नीति का संदर्भ देते हुए जोर दिया कि जनरल कैटेगिरी के लिए निर्धारित रिक्त सीट पर रिजर्व कैटेगिरी की आवेदक को नौकरी देना उचित है।

इस मामले के साथ जितेन्द्र कुमार का मामला भी एकलपीठ में सुना गया था, जिसमें कोर्ट ने 45 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पर विचार करने कहा था। हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद राज्य की अपील खारिज कर दी।

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