
MP Election Poll: इन 17 जिलों के रिजल्ट पर होगी सबकी निगाहें, खरगोन जिले में कांग्रेस ने 5 सीटें जीती थी । मध्य प्रदेश के 17 जिलों के विधानसभा चुनाव परिणाम पर भाजपा और कांग्रेस, दोनों की नजर है। 2018 के चुनाव में यहां एकतरफा परिणाम रहे थे।
टीकमगढ़, रीवा, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर और नीमच जिले की सभी सीटें भाजपा ने जीती थीं। जबकि, मुरैना, अशोक नगर, अनूपपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर और झाबुआ जिले की सभी सीटें कांग्रेस ने जीती थी।
खरगोन जिले में कांग्रेस ने जीती थी पांच सीटें
खरगोन जिले की छह में से पांच सीटें कांग्रेस ने तो एक पर कांग्रेस के बागी (केदार डाबर) निर्दलीय चुनाव लड़कर जीते थे। अब ये कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं।
बुरहानपुर और आगर में यह रहा था परिणाम
प्रदेश में बुरहानपुर और आगर जिला ऐसा है, जहां एक-एक सीट कांग्रेस और भाजपा तो एक-एक पर निर्दलीय चुनाव जीते थे। बुरहानपुर जिले में नेपानगर सीट कांग्रेस और बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा चुनाव जीते थे। शेरा अब कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। यही स्थिति आगर जिले में भाजपा के साथ बनी थी। यहां एक सीट भाजपा तो एक निर्दलीय विक्रम सिंह राणा ने जीती थी। राणा इस चुनाव में भाजपा से मैदान में हैं।
2013 के चुनाव में अलग थी स्थिति
इस प्रकार 17 जिलों के परिणाम या तो भाजपा के पक्ष में थे या फिर कांग्रेस के। इसके पहले 2013 के चुनाव में स्थिति अलग थी। भाजपा को दतिया, उमरिया, नरसिंहपुर, बैतूल, होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम), रायसेन, आगर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, आलीराजपुर, रतलाम, उज्जैन और नीमच जिले में एकतरफा जीत मिली थी।
जबकि, मुरैना और झाबुआ में अधिकतर सीटें भाजपा ने जीती थीं। कांग्रेस को इन दोनों जिलाें में भी एक भी सीट नहीं मिली थी। तीन दिसंबर को परिणाम आने हैं और सबकी नजर इन जिलों के परिणामों पर है। भाजपा और कांग्रेस ने जहां अपने किले बचाने के साथ दूसरे जिलों में सेंध लगाने की भरपूर कोशिश की है।








