MP Cabinet Meeting: अब विश्वविद्यालयों के कुलपति “कुलगुरु” के नाम से जाने जाएंगे, मध्यप्रदेश कैबिनेट मींटिंग में नई आबकारी पॉलिसी सहित कई अहम फैसलों पर लगी मुहर
MP Cabinet Meeting: अब विश्वविद्यालयों के कुलपति "कुलगुरु" के नाम से जाने जाएंगे, मध्यप्रदेश कैबिनेट मींटिंग में नई आबकारी पॉलिसी सहित कई अहम फैसलों पर लगी मुहर

MP Cabinet Meeting: अब विश्वविद्यालयों के कुलपति “कुलगुरु” के नाम से जाने जाएंगे, मध्यप्रदेश कैबिनेट मींटिंग में नई आबकारी पॉलिसी सहित कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मध्य प्रदेश में 7 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरकार की कैबिनेट बैठक बुलाई गई.
सुबह 11 बजे मंत्रालय में हुई बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई, जिसमें विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम, अनुपूरक बजट और नई आबकारी पॉलिसी को भी मंजूर किया गया.
बैठक में मुख्यमंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के मध्य प्रदेश दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को झाबुआ आ रहे हैं. भाजपा सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में विकास और जन कल्याण के जो कार्य किए हैं, उन्हें आजादी के अमृत काल में वृहत्तर स्वरूप में आरंभ करने का संकल्प लेने के लिए वहां भव्य आयोजन होगा. इसके अलावा सीएम ने कहा कि लेखानुदान आने वाला है, जिसके माध्यम से हम भविष्य का रोड मैप तय करेंगे.
इन फैसलों पर लगी मुहर
1. अब कुलगुरु कहलाए जाएंगे कुलपति
कैबिनेट ने विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, जिसके तहत अब विश्वविद्यालयों के कुलपति कुलगुरु के नाम से जाने जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए यह फैसला लिया था. उन्होंने कहा था कि कुलपति नाम पर लोग मजाक उड़ाते हैं, इसलिए गुरुजनों के सम्मान वाली हमारे देश की संस्कृति के हिसाब से अब कुलपति का नाम कुलगुरु होगा.
2. नई आबकारी पॉलिसी को मंजूर
मोहन कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नई आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है. इसके तहत इस बार ठेकों की नीलामी 15% अधिक मूल्य पर होगी. साथ ही धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक स्थलों शराब दुकानों की दूरी पहले की तरह निर्धारित रहेगी.
3. किसानों पर बिना ब्याज के लोन पर मंजूरी
मोहन कैबिनेट ने किसानों को हर साल की तरह इस बार भी बिना ब्याज के लोन दिया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश में बाल संरक्षण यूनिट की ओर से हेल्पलाइन सेवा शुरू करने का फैसला भी लिया गया.
4. अनुपूरक बजट को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा अप्रैल से जुलाई तक के आय-व्यय के लिए आने वाले अंतरिम बजट पर भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है।








