MP कैबिनेट ने दी कैमोर में नए औषधालय की स्वीकृति, विधायक संजय पाठक ने जताया सीएम डॉ मोहन यादव का आभार

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार, 10 मार्च 2026 को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जनजातीय विकास, उद्योग प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के माध्यम से मेहर (जिला मेहर), कैमोर (जिला कटनी) और निमरानी (जिला खरगोन) में तीन नए औषधालय खोले जाएंगे। इसके साथ ही चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने कैमोर में औषधालय की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है एवं कहा कि इस श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र में चिकित्सा स्वास्थ्य की सुविधा और बेहतर सुविधाजनक होंगी।
कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के विकास तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन) सहित अन्य योजनाओं की निरंतरता के लिए 1645 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से आदिवासी विद्यार्थियों को शिक्षा में आर्थिक सहायता मिलती रहेगी और जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के अंतर्गत प्रोत्साहन, व्यवसाय निवेश संवर्धन एवं सुविधा प्रदाय योजना तथा स्टार्टअप पॉलिसी के क्रियान्वयन को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 11,361 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के माध्यम से मेहर (जिला मेहर), कैमोर (जिला कटनी) और निमरानी (जिला खरगोन) में तीन नए औषधालय खोले जाएंगे। इसके साथ ही चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
वहीं न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चितरंगी, जिला सिंगरौली में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड के एक नए पद सहित कुल सात नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा विकास कार्यों को नई गति प्राप्त होगी।








