Thursday, April 30, 2026
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मध्यप्रदेश

MP में कोरोना काल में सरकारी स्कूलों व जनशिक्षा केंद्रों से कंप्यूटर आपरेटरों की सेवाएं समाप्त

भोपाल। कोरोना काल में स्कूलों में आनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं प्रदेश भर के स्कूलों से ठेके पर रखे गए करीब 9 हजार कंप्यूटर आपरेटरों को हटा दिया गया । स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत विकासंखड कार्यालय व स्कूलों में रखे गए आउटसोर्सिंग कंप्यूटर आपरेटरों की सेवा समाप्त कर दी है। अब स्कूलों में कंप्यूटर आपरेटर नहीं मिलेंगे, जबकि आजकल स्कूलाें में पढ़ाई से लेकर परीक्षा परिणाम और नामांकन सबकुछ आनलाइन है। ऐसे में जब कंप्यूटर आपरेटर नहीं होंगे तो कार्य भी प्रभावित होगा।

अभी हाल में लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान यह निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि आउट सोर्सिंग के जरिए रखे गए कंप्यूटर आपरेटर्स को तत्काल सेवा से अलग कर दें। इनके साथ जो अनुबंध किया गया था वो सिर्फ एक साल के लिए ही होना चाहिए था।

वर्तमान में कोविड के कारण स्कूलों में इनकी कोई उपयोगिता नहीं है। अत: इनको तत्काल सेवा से पृथक किया जाए। किसी भी स्थिति में इनको आगे नहीं रखना है। जब तक शासन से इस संबंध में निर्देश नहीं मिलते हैं। हर साल का अनुबंध अलग से होगा। पहले किए गए अनुबंध को बढ़ाया न जाए।

अभी भी यदि किसी विकासखंड के स्कूलों में कंप्यूटर आपरेटर्स कार्य करते हुए पाए जाते हैं, तो इनका मानदेय विकासखंड शिक्षा अधिकारी(बीईओ) को खुद के वेतन से करना होगा। बता दें, कि प्रदेश में करीब 9 हजार हाई व हायर सेकेंंडरी सरकारी स्कूल है। सभी जगह एक कंप्यूटर आपरेटर रखे गए थे। ऐसे में प्राचार्यों का कहना है कि हर रोज विभाग से नए आदेश आते हैं, तब कंप्यूटर आपरेटर ही सबकुछ आनलाइन करते हैं।

सभी बीईओ विमर्श पोर्टल पर स्कूलवार नि:शुल्क पुस्तकों का वितरण विमर्श पोर्टल पर अनिवार्यत: दर्ज करें। अगर एंट्री नहीं हुई तो यह माना जाएगा कि आपने स्कूलों में पुस्तकों का वितरण नहीं किया है। ऐसी स्थिति में बीईओ के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम