MP में ‘मनरेगा’ का दौर खत्म: 1 जुलाई से लागू होगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम, अब मिलेगा 125 दिन का गारंटीड रोजगार
MP में ‘मनरेगा’ का दौर खत्म: 1 जुलाई से लागू होगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम, अब मिलेगा 125 दिन का गारंटीड रोजगार। मध्यप्रदेश के ग्रामीण विकास के इतिहास में 1 जुलाई 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। प्रदेश में इस दिन से ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम-जी (VB-G RAM G) अधिनियम-2025 पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। इस नए कानून के लागू होते ही पुराना मनरेगा (MGNREGA) अधिनियम स्वतः ही निरस्त हो जाएगा।
MP में ‘मनरेगा’ का दौर खत्म: 1 जुलाई से लागू होगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम, अब मिलेगा 125 दिन का गारंटीड रोजगार
1. 125 दिन का रोजगार और आय की सुरक्षा
नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों के अकुशल वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। यह मनरेगा के 100 दिनों के प्रावधान से 25 दिन अधिक है। काम मांगने पर यदि समय सीमा में रोजगार नहीं मिला, तो श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार होगा।
2. ‘विराम अवधि’ से कृषि को लाभ
अधिनियम में एक अनूठा प्रावधान 60 दिनों की ‘विराम अवधि’ (Break Period) का रखा गया है। यह अवधि बुवाई और कटाई के पीक सीजन के दौरान रहेगी, ताकि कृषि कार्यों के लिए गांवों में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहें और खेती प्रभावित न हो।
3. हाई-टेक होगी निगरानी: AI और बायोमेट्रिक का पहरा
भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस मिशन में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा:
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बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: हाजिरी और भुगतान में गड़बड़ी रुकेगी।
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AI तकनीक: काम की गुणवत्ता और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग।
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रियल टाइम डैशबोर्ड: कार्यों की प्रगति को लाइव देखा जा सकेगा।
4. पंचायतों की बढ़ेगी भूमिका
ग्राम पंचायतें ही अब ‘विकसित ग्राम पंचायत प्लान’ तैयार करेंगी। श्रमिकों का पंजीकरण, जॉब कार्ड जारी करना और ग्राम सभा द्वारा सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) जैसे कार्य स्थानीय स्तर पर ही होंगे।
5. डीबीटी से त्वरित भुगतान
श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में DBT के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान में देरी होने पर विभाग को विलंबित क्षतिपूर्ति देनी होगी।

