
Mitti Ke Diya: दिवाली पर क्यों लगाते हैं मिट्टी के दिये में बना काजल? जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने के बाद घर के सभी सदस्य नए कपड़े पहन घर को मिट्टी के दियों से सजाते हैं. इस दिन मां लक्ष्मी की अराधना करने से घर में धन का आगमन होता है और उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहता है. इसके अलावा दियों के जलाने से पूरे घर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है.
दिवाली के दिन दिया जलाने की परंपरा के साथ ही एक और परंपरा है मिट्टी के दिये से काजल बनाना जिसे पूजा के बाद पूरे घर के सदस्य बुरी नजर से बचने और धन संचय घर में बना रहे उसके लिए लगाते हैं. चलिए विस्तार में काजल बनाने की विधि से लेकर इसे दिवाली के दिन लगाने के फायदों के बारे में जानें.
काजल बनाने की विधि
दिवाली के दिन यदि पूजा का शुभ फल पाना है तो इस दिन काजल जरूर बनाएं. इसके लिए मिट्टी के दिये में तेल लें और उसमें एक बत्ती रख दें. इस दिये को मंदिर के सामने रखें. अब दिये को जला कर उसकी लौ पर एक और दिया का मूंह उल्टा कर के रखें. अब इस दिये को रात भर के लिए छोड़ दें. अगले दिन स्नान करने के बाद ढके हुए दिये को हटाएं. अब देखेंगे कि उल्टे मुंह रखे दिये में काला रंग का काजल बन गया होगा. इसे खरोच कर एक डिब्बे में डाल कर घी मिला दें और घर के सभी सदस्यों को लगा दें.
दिवाली के काजल के फायदे
दिवाली के बने काजल को लगाने से बुरी नजर से बचा जा सकता है साथ ही नकारात्मक ऊर्जा आसपास भी नहीं भटकती. व्यक्ति के जीवन की हर समस्या दूर होती नजर आती है. व्यक्ति को जीवन में अपार सफलता हासिल होने लगती है. दिवाली के दिन बने काजल को तिजोरी में लगाने से धन पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती साथ ही पैसों की बरकत हमेशा होती रहेगी.







