Friday, May 15, 2026
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नाबालिग बेटे ने माँ के खाते से पड़ोसी को भेजे 33 लाख; कार खरीदी, गहने बनवाए और बनारस में की ‘ऐश’, ऐसे खुला राज

नाबालिग बेटे ने माँ के खाते से पड़ोसी को भेजे 33 लाख; कार खरीदी, गहने बनवाए और बनारस में की ‘ऐश’, ऐसे खुला राज। बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी स्कूल की शिक्षिका के नाबालिग बेटे ने अपनी ही माँ के बैंक अकाउंट से 33 लाख रुपये पड़ोसी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह “साइलेंट लूट” पिछले 5 महीनों से चल रही थी और शिक्षिका को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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नाबालिग बेटे ने माँ के खाते से पड़ोसी को भेजे 33 लाख; कार खरीदी, गहने बनवाए और बनारस में की ‘ऐश’, ऐसे खुला राज

कैसे बुना गया ‘लूट’ का जाल?

पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि स्कूल से लौटने के बाद उनका छोटा बेटा अक्सर उनका मोबाइल ले लेता था। माँ को लगा कि बच्चा गेम खेल रहा होगा या पढ़ाई कर रहा होगा, लेकिन हकीकत में वह पड़ोसी के इशारे पर डिजिटल ट्रांजैक्शन कर रहा था। आरोप है कि पड़ोसी अनिल ने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपना शिकार बनाया।शातिर पड़ोसी ने न सिर्फ खाते में जमा पैसे उड़वाए, बल्कि उसी मोबाइल ऐप के जरिए माँ के नाम पर बैंक लोन भी ले लिया।

MBBS बेटे ने पकड़ी ‘चोरी’

इस महा-घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब महिला का बड़ा बेटा, जो बाहर रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, घर लौटा। उसने जब माँ के फोन से बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से 33 लाख रुपये गायब थे।

पड़ोसी ने की ‘राजसी’ मौज-मस्ती

पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पीड़ित महिला की खून-पसीने की कमाई से पड़ोसी अनिल ने:

नई कार खरीदी।भारी मात्रा में ज्वेलरी बनवाई।परिवार के साथ बनारस की सैर की और आलीशान होटलों में रुका।

पुलिस की कार्रवाई और बेटे का कबूलनामा

मामला दर्ज होने के बाद राजीव नगर थाना पुलिस ने आरोपी अनिल, उसके भाई और बेटे के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में नाबालिग बेटे ने सिर्फ इतना कहा, “मुझसे गलती हो गई।” पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या बच्चे को डराया-धमकाया गया था या किसी बड़े गिरोह का हाथ है। यह घटना उन सभी अभिभावकों के लिए चेतावनी है जो अपने बच्चों को बिना निगरानी के मोबाइल सौंप देते हैं। अपने बैंकिंग ऐप्स को हमेशा पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखें और समय-समय पर स्टेटमेंट चेक करते रहें।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि