लेट्राइट खदान स्वीकृत कराने खनन कारोबारी ने दी गलत जानकारी, कलेक्टर तक पहुंची आपत्ति, आपत्तिकत्र्ता ने की ग्राम डिठवारा में उत्खनन की अनुमति न देने की मांग
लेट्राइट खदान स्वीकृत कराने खनन कारोबारी ने दी गलत जानकारी, कलेक्टर तक पहुंची आपत्ति, आपत्तिकत्र्ता ने की ग्राम डिठवारा में उत्खनन की अनुमति न देने की मां
कटनी। बड़वारा तहसील के ग्राम डिठवारा में खसरा नंबर 688, 689(नया खसरा नंबर 1049) रकवा 1.359 हेक्टेयर में लेट्राइट के खनन के स्वीकृत पट्टा में आपत्ति दर्ज कराते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर खनन स्वीकृति निरस्त करने की मांग की गई है। नईबस्ती निवासी विवेक बिरहा द्धारा इस संबंध में कलेेक्टर आशीष तिवारी को पत्र लिखकर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की गई है। कलेक्टर को लिखे पत्र की प्रति यशभारत डॉट काम को उपलब्ध कराते हुए विवेक बिरहा ने बताया कि मोहम्मद रमजान ने स्वयं को मिशन चौक कटनी का निवासी बताकर अपने नाम पर ग्राम डिठवारा मुड़वारा जिला कटनी खसरा नंबर 689, 688 जिसका नया नंबर 1049/1 रकवा 1.359 हेक्टेयर में स्वीकृत पट्टा खनिज लेट्राईड के उत्खनन पट्टा हेतु 1992 में 20 वर्ष के लिए वर्ष 2012 तक के लिए स्वीकृत कराया था, जबकि मोहम्मद रमजान मदीना कालोनी जयपुर राजस्थान का स्थाई निवासी है और लगभग 20 वर्षों से कटनी में निवास नहीं कर रहा है । जिसका रिनिवल आवेदन वर्ष 2012 में प्रस्तुत किया गया, जिस संबंध में खनिज शाखा द्वारा मौका जांच कराने के निर्देश जारी किए थे। आपत्तिकत्र्ता विवेक बिरहा के मुताबिक मोहम्मद रमजान ने वास्तविक स्थिति को छुपाकर पुन: खनन अनुमति के लिए आवेदन किया है। जिसमें खनिज लेट्राइट स्वीकृत उत्खनन पट्टा क्षेत्र से बसाहट 500 मीटर संबंधी गलत जानकारी दी गई है जबकि खनन क्षेत्र से गांव लगा हुआ है और वर्तमान में गांव की आबादी अधिक होने से गांव के अंदर से जाने वाली सडक़ के लिए बायपास बनाया गया है जो क्षेत्र बायपास सडक़ व गांव के मध्य है। इसी तरह उत्खनन क्षेत्र की वास्तविक फोटो को संलग्न नहीं किया गया है तथा अन्य स्थान की फोटो आवेदन में लगाई गई है। क्षेत्र से है दो हाई टेंशन तार के अलावा लोकल तार भी निकली है जो क्षेत्र से लगे गांव में बिजली की पूर्ति करती है। उत्खनन क्षेत्र से तीन बिजली की तार निकली हैं इसके बावजूद बिजली के खंबे लगे फोटो नहीं दर्शाई गई है। उत्खनन क्षेत्र से वन भूमि भी लगी है, जिसे नक्शे में स्पष्ट देखा जा सकता है। आपत्तिकत्र्ता के मुताबिक 250 मीटर की परिधि में वन भूमि लगी है या नहीं की जांच रिपोर्ट देना आवश्यक है क्योंकि क्षेत्र से लगी तार फिनिशिंग वन विभाग की भूमि है। साथ ही उक्त क्षेत्र टाइगर रिजर्व क्षेत्र है नेशनल पार्क बांधवगढ़ भी होने से क्षेत्र को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किया है। उत्खनन क्षेत्र में कोई अभ्यारण स्थिति की जानकारी चाही थी जिसके संबंध में उत्खनन क्षेत्र के पास वर्तमान में स्कूल, पेट्रोल पंप, चिकित्सालय, राजमार्ग, सार्वजनिक भवन, श्मशान, कच्चेरास्ते के साथ बायपास भी बना है। आपत्तिकत्र्ता विवेक बिरहा के मुताबिक मोहम्मद रमजान द्वारा वर्ष 1992 में खनिज लेट्राइट उत्खनन पट्टा क्षेत्र के लिए प्राप्त किया था, इस संबंध में खनिज विभाग द्वारा 1992 से खनिज लेट्राइट स्वीकृति अनुसार उत्खनन के लिए पिट पास जारी किए है उक्त दिए गए पिट पास के अनुसार उत्खनन कार्य मौके में नहीं हुआ है अन्य स्थानों से मिनरल्स को निकाल कर (चोरी) कर खनिज लेट्राइट उत्खनन पटटा क्षेत्र के पिट पास का उपयोग किया गया है। 1992 से वर्तमान तक के पिट पास की जांच से उत्खनन की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आपत्तिकत्र्ता विवेक बिरहा ने कलेक्टर आशीष तिवारी से मांग की है कि मोहम्मद रमजान को ग्राम डिठवारा मुड़वारा जिला कटनी खसरा नंबर 688, 689 रकवा 1.359 में स्वीकृत पट्टा खनिज लेट्रॉईड के संबंध में अवधि बढ़ाये जाने पर सभी ग्रामवासियों को आपत्ति है। इसलिए उक्त खदान में उत्खनन की अनुमति अब न दी जाए। आपत्तिकत्र्ता द्धारा पत्र की प्रति मुख्यमंत्री, खनिज मंत्री, वन मंत्री, ऊर्जा मंत्री, संचालक संचालनालय भौमकी तथा खनीजकर्म भोपाल, प्रमुख सचिव मप्र शासन भोपाल व अपर खान नियंत्रक एवं प्रभारी अधिकारी क्षेत्रीय भारतीय खान ब्यूरो जबलपुर को भी प्रेषित की गई है।

