Thursday, May 14, 2026
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Medical Miracle: अब हार्ट और किडनी की बीमारी का सालों पहले लग जाएगा पता, वैज्ञानिकों ने खोजा एक जादुई ब्लड टेस्ट

Medical Miracle: अब हार्ट और किडनी की बीमारी का सालों पहले लग जाएगा पता, वैज्ञानिकों ने खोजा एक जादुई ब्लड टेस्ट अगर आपको पता चले कि भविष्य में होने वाली हार्ट या किडनी की बीमारी का पता एक साधारण ब्लड टेस्ट से सालों पहले लग सकता है, तो क्या आप विश्वास करेंगे? इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो शरीर में बीमारी के लक्षण दिखने से कई साल पहले ही आपको अलर्ट कर देगी। यह खोज दुनिया भर में हृदय और किडनी रोगों से होने वाली लाखों मौतों को रोकने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

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रेड ब्लड सेल्स (RBC) खोलेंगे सेहत के राज

नेचर कम्युनिकेशन जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, वैज्ञानिकों ने रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) के अंदर होने वाली बेहद सूक्ष्म क्षति को पहचानने का नया तरीका खोजा है।शोधकर्ताओं ने पाया कि हमारी लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) की सतह पर एक खास तरह का ‘बायोकेमिकल प्रिंट’ होता है। ये कोशिकाएं जब शरीर की सबसे छोटी नसों से गुजरती हैं, तो उनमें होने वाले रासायनिक बदलावों से यह पता चल जाता है कि रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को कितना नुकसान पहुंचा है। पहले इस तरह के नुकसान का पता लगाने के लिए ‘टिश्यू बायोप्सी’ जैसी दर्दनाक और जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब यह सिर्फ एक ब्लड टेस्ट से संभव होगा।

क्यों है यह खोज इतनी महत्वपूर्ण?

अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. मैथ्यू बटलर और प्रोफेसर साइमन सैचेल के अनुसार, हमारी रक्त वाहिकाओं का स्वास्थ्य ही पूरे शरीर का स्वास्थ्य तय करता है।

  1. सालों पहले अलर्ट: हार्ट फेलियर या किडनी डैमेज होने से बहुत पहले ही रक्त वाहिकाओं में खराबी शुरू हो जाती है। यह टेस्ट उस शुरुआती खराबी को पकड़ लेगा।

  2. दवाओं का असर: इस तकनीक से डॉक्टर यह भी तुरंत जान पाएंगे कि जो दवा मरीज को दी जा रही है, वह उसकी नसों की मरम्मत कर रही है या नहीं।

  3. हार्ट-किडनी का गहरा संबंध: चूंकि हृदय का स्वास्थ्य सीधे किडनी से जुड़ा होता है, इसलिए यह एक टेस्ट दोनों अंगों की स्थिति स्पष्ट कर देगा।

कम उम्र में बढ़ते खतरे का समाधान

आजकल 30-40 की उम्र में ही हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की वजह से लोग हार्ट और किडनी की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ यानी समय से पहले चेतावनी देने वाला टेस्ट चिकित्सा जगत की दिशा बदल देगा। हालांकि यह अभी प्रयोग के स्तर पर है, लेकिन जल्द ही इसे क्लीनिकल प्रैक्टिस में लाने की तैयारी है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि