भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाना हुआ सस्ता: मोदी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी मशीनों और कई पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई

semiconductor education as the fulcrum to unleash indias potential in chip design manufacturing

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाना हुआ सस्ता: मोदी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी मशीनों और कई पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई

नई दिल्ली: भारत को दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने आज एक गेम-चेंजर कदम उठाया है [cite: भारत में इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाना हुआ सस्ता! सरकार ने कई पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी हटाई]. देश के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग लागत कम करने, विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने और घरेलू बाजार में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार ने कई जरूरी इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर 31 मार्च 2029 तक कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) में भारी रियायत और छूट देने का ऐलान किया है.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) द्वारा जारी इस नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है. व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऐतिहासिक फैसले से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक अभूतपूर्व रफ्तार मिलेगी.भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाना हुआ सस्ता: मोदी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी मशीनों और कई पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई

1. लिथियम-आयन बैटरी निर्माण को मिली ‘संजीवनी’

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और आधुनिक गैजेट्स के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, यानी लिथियम-आयन बैटरी के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है.

2. डिस्प्ले पार्ट्स पर टैक्स छूट; लेकिन कुछ शर्तें लागू

आधुनिक उपकरणों का सबसे महंगा हिस्सा उसका ‘डिस्प्ले’ होता है. सरकार ने ऑटोमोबाइल (गाड़ियों), मेडिकल उपकरणों और औद्योगिक मशीनों में इस्तेमाल होने वाली डिस्प्ले असेंबली के कई आयातित पार्ट्स पर से कस्टम ड्यूटी हटा ली है. अब डिस्प्ले सेल, बैकलाइट यूनिट, फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPCA) और फ्रेम जैसे पुर्जे सस्ते दामों पर इंपोर्ट किए जा सकेंगे.भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स बनाना हुआ सस्ता: मोदी सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी मशीनों और कई पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई

ध्यान दें: यह विशेष छूट मोबाइल फोन, टेलीविजन, स्मार्टवॉच और इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल वाले डिस्प्ले के पार्ट्स पर लागू नहीं होगी.

3. स्मार्टफोन का प्रीमियम ‘वायरलेस चार्जिंग’ फीचर होगा सस्ता

स्मार्टफोन्स में मिलने वाले प्रीमियम वायरलेस चार्जिंग फीचर को अब देश में ही बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी है. सरकार ने इसके मॉड्यूल में इस्तेमाल होने वाले तमाम जरूरी पुर्जों पर ड्यूटी घटा दी है. इनमें एनएफसी (NFC), इंडक्टर कॉइल, नैनो-क्रिस्टलाइन असेंबली, ई-शील्ड, पीईटी लाइनर, पीसी शिम और एनडीएफईबी (NdFeB) मैग्नेट जैसे तकनीकी पार्ट्स शामिल हैं.

आम उपभोक्ताओं और इंडस्ट्री को क्या होगा फायदा?

इस नीतिगत बदलाव का सीधा असर कंपनियों की उत्पादन लागत (Production Cost) पर पड़ेगा. जब देश के भीतर ही कंपोनेंट्स और बैटरियां सस्ते में बनेंगी, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन, ईवी और अन्य गैजेट्स की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. इसके अलावा, यह कदम भारत की घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करेगा और वैश्विक कंपनियों को भारत में नए कारखाने लगाने के लिए आकर्षित करेगा.