katniमध्यप्रदेश

जादू का सूट’ ने हास्य-व्यंग्य के जरिए छोड़ी प्रभावी छाप संप्रेषणा नाट्य मंच की प्रस्तुति में सत्ता, चापलूसी और अंधानुकरण पर किया व्यंग्य

‘जादू का सूट’ ने हास्य-व्यंग्य के जरिए छोड़ी प्रभावी छाप

संप्रेषणा नाट्य मंच की प्रस्तुति में सत्ता, चापलूसी और अंधानुकरण पर किया व्यंग्

 

 

कटनी। संप्रेषणा नाट्य मंच, कटनी द्वारा प्रसिद्ध नाटककार अलखनंदन के चर्चित नाटक ‘जादू का सूट’ का मंचन रविवार 21 सितंबर को शाम 7 बजे संप्रेषणा नाट्य गृह में किया गया। हास्य और व्यंग्य से भरपूर इस प्रस्तुति के माध्यम से मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रभाव, सत्ता, चापलूसी, दिखावे और अंधानुकरण जैसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी ढंग से सवाल उठाए गए। नाटक ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ सामाजिक सरोकारों पर विचार करने का अवसर भी दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओ.एफ.के. के प्रशासनिक अधिकारी राजेश पांडेय रहे। अध्यक्षता मोना पांडेय ने की। विशिष्ट अतिथियों में पारस (सिलिकोबाइट), अजय बघेल, मनोज निगम, पीताम्बर सेतपाल, रजनी (रॉयल पाम स्कूल) और शकील अहमद उपस्थित रहे।

नाटक में राजा की भूमिका सतीश अहिरवार ने निभाई। उन्होंने राजा के अहंकार, आत्मविश्वास और बदलते भावों को हास्य के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मंत्री की भूमिका में आकाश तिवारी ने दरबारी चापलूसी को संवाद और बॉडी लैंग्वेज के माध्यम से जीवंत किया। ठगों की भूमिका में आदित्य गोस्वामी और शुभम रजक की जोड़ी ने अपनी संवाद अदायगी और मंचीय ऊर्जा से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। दूसरे राजा की भूमिका हर्ष श्रीवास्तव ने निभाई।

शिवानी अहिरवार, शिवम रजक, के.एल. राव, वान्या मालवीय, शिवा रजक, आशुतोष गुप्ता, मोहित साहू, हार्दिक गुप्ता, नेहा वर्मा, युग रजक और अंकित यादव ने भी विभिन्न भूमिकाओं में प्रभावी अभिनय किया।

नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन सादात भारती ने किया। संगीत लक्ष्मी नारायण शर्मा, संगीत संचालन गणेश माथुर तथा वाद्य संगत राकेश ने संभाली। मंचन के दौरान हास्य दृश्यों पर दर्शकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया देखने को मिली। व्यंग्यात्मक प्रसंगों ने भी दर्शकों को सामाजिक और मानवीय व्यवहार के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित किया।

Back to top button