
Madhuri buch: पूर्व सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, एफआईआर पर रोक।पूर्व SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच का कार्यकाल काफी विवादित रहा है, सितंबर 2024 में वित्त मंत्रालय को SEBI के 500 कर्मचारियों ने एक पत्र लिखा था, जिसमें आरोप लगाया था कि SEBI कार्यालय में माहौल बहुत टॉक्सिक है, माधवी पुरी बुच मीटिंग्स में चिल्लाती हैं और डांटती हैं. साथ ही पत्र में आरोप लगाए गए कि सेबी प्रमुख पब्लिकली बेइज्जती भी करती हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एसीबी से कहा कि सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश पर चार मार्च तक कोई कार्रवाई न की जाए. बुच, बीएसई के प्रबंध निदेशक सुंदररमन राममूर्ति और चार अन्य अधिकारियों ने उन पर दर्ज प्राथमिकी के आदेश के खिलाफ सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया था।
मुंबई स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने शनिवार को शेयर बाजार में कथित धोखाधड़ी और विनियामकीय उल्लंघन के संबंध में बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था. बुच और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति एस जी डिगे की एकल पीठ ने कहा कि याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई होगी और तब तक एसीबी की विशेष अदालत के आदेश पर कार्रवाई नहीं होगी।
ACB कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता बुच और सेबी के तीन मौजूदा पूर्णकालिक निदेशकों – अश्विनी भाटिया, अनंत नारायण जी और कमलेश चंद्र वार्ष्णेय की ओर से पेश हुए. वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररमन राममूर्ति और इसके पूर्व चेयरमैन और जनहित निदेशक प्रमोद अग्रवाल की ओर से पेश हुए।
अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 2024 के आखिर में तत्कालीन SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दावा किया गया था कि, अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में सेबी चीफ माधवी पुरी बुच और उनके पति की हिस्सेदारी है. साथ ही इस रिपोर्ट में अडानी ग्रुप और सेबी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया गया था ।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एसीबी से कहा कि सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश पर चार मार्च तक कोई कार्रवाई न की जाए. बुच, बीएसई के प्रबंध निदेशक सुंदररमन राममूर्ति और चार अन्य अधिकारियों ने उन पर दर्ज प्राथमिकी के आदेश के खिलाफ सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया था।
आरोपों का किया खंडन
हिंडनबर्ग के इन आरोपों पर माधवी पुरी बुच और उनके पति ने प्रतिक्रिया देते हुए कहां कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमने कोई भी जानकारी छुपाई नहीं है और हिंडनबर्ग के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
अडानी ग्रुप ने दी थी ये प्रतिक्रिया
हिंडनबर्ग द्वारा तत्कालीन सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच और अडानी ग्रुप के बीच मिलीभगत के आरोपों पर अडानी ग्रुप ने प्रतिक्रिया देते हुए इन सभी आरोपों को आधारहीन बताया था. साथ ही अडानी ग्रुप की ओर से कहा गया था कि ये मुनाफा कमाने और बदनाम करने की साजिश है।