नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ टीडीपी की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा और वोटिंग होगी। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सियासी गहमा-गहमी बनी रही।
शिवसेना ने भी अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए। शिवसेना ने सांसदों को व्हिप जारी कर सरकार के समर्थन की बात कही है। शुक्रवार को शिवसेना अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करेगी। वहीं बीजू जनता दल ने भी अपने सांसदों को व्हिप जारी कर शुक्रवार को लोकसभा में पेश रहने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच सूत्रों से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है।
इस बीच सियासी बयानों का दौर जारी है। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सोनिया गांधी की तरफ से आए बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने पलटवार किया है। राम माधव ने कहा कि, “भारत के गणित में तो विपक्षी दलों के पास नंबर होते नहीं है और कहां के गणित हैं ये तो मुझे मालूम नहीं, मगर हम शुक्रवार को इसे देखेंगे। वहीं उन्होंने क्षेत्रीय दलों के रुख को लेकर भी कहा कि, शुक्रवार को ये पता चलेगा कि कौन से क्षेत्रीय दल कांग्रेस की बी टीम के तौर पर उसके साथ आते हैं।”
इससे पहले टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सभी सांसदों को चिठ्ठी लिखकर एनडीए सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सहयोग की अपील की है।
चंद्रबाबू नायडू ने लिखा कि, “केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार के अड़ियल रवैये की वजह से टीडीपी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि हमारी पार्टी के सांसदों की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर समर्थन दें।”
इस बीच कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर के भीतर किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं मॉब लिंचिंग को लेकर कांग्रेस ने लोकसभा में स्थगन नोटिस भी दिया है।
इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस ने भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर संसद परिसर में विरोध किया। इस बीच भाजपा के लिए अच्छी खबर है कि पार्टी से नाराज चल रहे सांसद शत्रुघ्न सिन्हा अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार का साथ देंगे।
शिवसेना ने अभी पत्ते नहीं खोले
एनडीए का अहम सहयोगी दल शिवसेना ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। मगर जिस तरह के तेवर शिवसेना ने इसे लेकर दिखाए हैं, उससे जरूर भाजपा नीत एनडीए सरकार की परेशानी बढ़ सकती है।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि, “लोकतंत्र में विपक्ष की बात पहले सुनी जानी चाहिए, फिर चाहें एक ही व्यक्ति क्यों न हो। हम भी जरूरत पड़ने पर बोलते हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग को लेकर फिलहाल कुछ तय नहीं हुआ है, मगर उद्धव ठाकरे जैसा निर्देश देंगे, हम वैसा ही करेंगे।”
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में डीएमके
वहीं डीएमके ने भी टीडीपी द्वारा केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। डीएमके के कार्यवाहक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि, “डीएमके अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगा। हम एआईएडीएमके से भी अपील करते हैं कि वो भी टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव को अपना समर्थन दे।
हालांकि डीएमके अध्यक्ष की इस अपील का एआईएडीएमके पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है, क्योंकि एआईएडीएमके अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ जाएगी। तमिलनाडु के सीएम पनालीसामी ने ऐसे संकेत दिए है।
सोनिया पर अनंत कुमार ने साधा निशाना
उधऱ, केंद्र सरकार अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है, क्योंकि आंकड़े सरकार के हक में नजर आ रहे हैं। इसीलिए मोदी सरकार इस मौके पर भी कांग्रेस पर निशाना साधने से नहीं चूक रही है।
आंकड़ों को लेकर आए सोनिया गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि, “सोनिया जी का गणित कमजोर है। 1996 में भी उन्होंने ऐसे ही आंकड़ों की गणना की थी। हमें पता है उस वक्त क्या हुआ था। इस बार भी वो भी फेल होंगे। मोदी सरकार के पास संसद के भीतर और बाहर बहुमत है। एनडीए अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करेगी और एनडीए के सहयोगी दलों से भी हमें पूरे सहयोग की उम्मीद है।”
