नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास, स्लीमनाबाद की घटना में विशेष पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने सुनाया फैसला
कटनी। स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को विशेष पॉक्सो एक्ट की न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी सोनू यादव को दोषसिद्ध करते हुये धारा 3 सहपठित 4(2)पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(2)व्ही एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 2000-2000 रूपये अर्थदंड एवं धारा 323 भादवि में 6 माह का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। उक्त प्रकरण में सशक्त पैरवी विशेष लोक अभियोजक आशुतोष द्विवेदी द्वारा की गई है। फैसले के संबंध में मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग ने बताया कि 28 नवंबर 2023 की शाम करीब 5 बजे घर से अभियोक्त्री अकेले शौच करने गई थी। शौच करने के बाद जब वह अपने घर को वापस आने लगी तभी पुनहा हार के पास पीछे से गांव का आरोपी सोनू यादव अभियोक्त्री के आगे आया। सोनू यादव को देख अभियोक्त्री डर के कारण भगने लगी। आरोपी सोनू यादव ने अभियोक्त्री का पीछे से दोनों हाथ पकडक़र घसीटते हुये वहीं पास में बने खेत की झांडी में ले गया और अभियोक्त्री को थप्पड मारने लगा। तब अभियोक्त्री आरोपी को धक्का देकर भागने लगी। जिसके बाद आरोपी सोनू यादव ने अभियोक्त्री को पकडक़र नीचे गिरा दिया और अभियोक्त्री के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह अपने हाथ से जोर से दबा दिया। फिर अभियोक्त्री के कपड़े उतार कर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी सोनू यादव ने अभियोक्त्री को 500 रूपये दिये और बोला कि किसी को मत बताना अगर बताई तो दोबारा मिलोगी तो जान से खत्म कर दूंगा। फिर अभियोक्त्री रोते-रोते अपने घर आकर घटना की सारी बात अपने माता-पिता को बताई। उक्त रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सोनू यादव के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट द्वारा अभियोजन के गवाहों, दस्तावेजों एवं वैज्ञानिक साक्ष्य को विश्वसनीय पाते हुये आरोपी सोनू यादव को पीडि़ता के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषसिद्ध करते हुये धारा 3 सहपठित 4(2)पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(2)व्ही एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 2000-2000 रूपये अर्थदंड एवं धारा 323 भादवि में 6 माह का सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।