मध्यप्रदेश

श्रमिकों या कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान न होने पर होगी सख्‍त कायर्वाही-श्रमायुक्त

Labour Commissioner Labour इंदौर ने  निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों श्रमिकों को वेतन देना अनिवार्य किया गया है। लेबर कमिश्नर से जारी परिपत्र के अनुसार वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य माह के अंतिम दिनों से लगातार कोविड 19 माहमारी के संक्रमण की वजह से लॉक डाउन चल रहा है। ऐसे में जरूरी है कि दुकानों कारखानों वाणिज्यिक संस्थानों में कार्यरत श्रमिाको को लॉकडाउन की अवधि का पूर्ण भुगतान किया जाए।

वेतन भगतान अधिनियम 1936 की धारा 5 के अनुसार वे कारखाने या अन्य स्थापनाएं जिनमें 1000 के कम श्रमिक या कर्मचारी कार्यरत है वहां मजदूरी , वेतन कालअवधि के अंतिम दिन के पश्चात 7 दिन के अवसान के पूर्व एवं जहां 1000 से अधिक श्रमिक या कर्मचारी कार्यरत है उनमें 10 दिन के अवसान के पूर्व वेतन का भुगतान होना अनिवार्य है।

श्रम आयुक्‍त ने सर्कुलर जारी करते हुए निर्देश दिए कि समस्त कारखाना निरीक्षक कारखानों में एवं समस्त सहायक श्रमआयुक्त और श्रम पदाधिकारी अन्य दुकानों वाणिज्यक संस्थानों में उक्त परिपत्र के परिपालन में श्रमिको या कर्मचारियो को अवधिनुसार वेतन भुगतान न होने पर नियोजकों के विरूध वैधानिक कायर्वाही की जावेगी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम