खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला: कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल समेत 3 गिरफ्तार, स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन ने संभाली जांच

खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला

देवास। खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला अब मध्य प्रदेश में बड़ा राजनीतिक और पुलिसिया घटनाक्रम बन गया है। देवास जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी की वाहन चढ़ाकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने शराब कारोबारी एवं कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन ने खातेगांव पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आरोपितों की धरपकड़ के लिए पांच जिलों की पुलिस टीमें सक्रिय की गई हैं।

खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला

खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला: कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल गिरफ्तार

 

इस मामले में गिरफ्तार राहुल जायसवाल की राजनीतिक पहचान भी चर्चा में है। राहुल जायसवाल वर्तमान में कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 27 अप्रैल 2026 को उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

 

पुलिस हिरासत में राहुल जायसवाल का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में उन्होंने स्वयं को वर्तमान में खातेगांव विधानसभा का कांग्रेस प्रभारी बताया है। साथ ही उन्होंने वर्ष 2018 से 2024 तक जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष रहने की बात भी कही है।

 

राहुल जायसवाल शराब कारोबार से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान खींचा है। हालांकि, मामले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपितों की संलिप्तता का अंतिम निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

 

स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन ने संभाली खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामले की जांच

 

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खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। नियुक्ति के बाद उपेन्द्र जैन खातेगांव पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

 

स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन के मुताबिक, शराब तस्करी के मामले में कई लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इन टीमों को मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और धरपकड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

पांच जिलों की पुलिस के सक्रिय होने से मामले की जांच का दायरा व्यापक हो गया है। पुलिस शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

 

BNS और आबकारी एक्ट की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस

 

खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला में पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1), 121(2) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इसके साथ ही आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) भी लगाई गई है।

 

पुलिस ने फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अलग-अलग पुलिस टीमें फरार आरोपितों की तलाश में जुटी हैं। मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

 

शराब तस्करी नेटवर्क की भी हो रही जांच

 

स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन के बयान के मुताबिक, शराब तस्करी के मामले में कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। ऐसे में जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और थाना प्रभारी की मौत की घटना से उनका क्या संबंध है।

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पुलिस की पांच जिलों में चल रही कार्रवाई से इस मामले में अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

 

खातेगांव थाना प्रभारी हत्या मामला: आगे की जांच पर टिकी नजरें

 

थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी की मौत ने पुलिस विभाग और प्रदेश में गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक पुलिस अधिकारी की इस तरह मौत, शराब तस्करी से जुड़े लोगों की भूमिका और कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी की गिरफ्तारी ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

 

फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और फरार आरोपितों की तलाश जारी है। स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन की निगरानी में चल रही जांच से आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपितों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।