VIDEO भजनों से गूंजा Katni शहर, शोभायात्रा के साथ दुर्गा चौक में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा

Katni Shrimadbhagavat katha। कटनी के दुर्गा चौक के समीप खिरहनी स्कूल के बाजू में स्थित कम्पाउंड में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। भागवत कथा को लेकर गुरुवार को दोपहर 3 बजे राहुल बाग से शोभायात्रा निकाली गई।
कटनी दुर्गा चौक खिरहनी में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ pic.twitter.com/Lb8An95hBU
— yashbharat.com (@yashbharat1) December 28, 2023
शोभायात्रा यात्रा में रथ पर सवार कथावाचक चले। सिर पर कलश धारण किए कन्याएं, युवतियां व महिलाएं शामिल हुईं। शोभायात्रा कलश यात्रा में संजू नाकरा व उनकी टीम द्वारा एक से बढ़कर एक भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। भजनों की धुन पर श्रद्धालु जमकर नाचे झूमे। शोभायात्रा आयोजन स्थल खिरहनी स्कूल के बाजू में दुर्गा चौक पर पहुंचकर संपन्न हुई।
कलश शोभायात्रा का जगह-जगह फूलमाला पहनकर, फूल बरसाकर, आरती उतारकर, प्रसाद बांटकर स्वागत किया।
आयोजन समिति के केके शर्मा ने बताया कि यह आयोजन 28 दिसंबर से प्रारम्भ हुआ है जो 3 जनवरी तक चलेगा। प्रथम दिवस शोभायात्रा, देवपूजन कार्यक्रम व महात्म्य की कथा हुई। खास बात यह है कि भागवत कथा प्रकाड्य विद्वान डॉ. रामकृपाल त्रिपाठी श्रीधाम वृंदावन द्वारा सुनाई जा रही है। प्रतिदिन कथा दोपहर 3.30 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी।
सत्य जानने के लिए सत्संग आवश्यक
प्रथम दिवस की कथा सुनाते हुए कथा व्यास रामकृपाल त्रिपाठी ने कहा श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कब, कहां और किसे कथा सुननी चाहिए। कथा व्यास ने कहा कि सत्य जानने के लिए सत्संग करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने से व्यक्ति का सकल अमंगल नष्ट हो जाता है। अमृत से ज्यादा महत्व कथा का है। उन्होंने पृथ्वी व स्वर्गलोक की महिमा बताई।
इनकी रही उपस्थिति
शोभायात्रा व कथा में बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान , महापौर प्रीति सूरी, समाजसेवी प्रवीण बजाज, नरेंद्र शर्मा, जयश्री शर्मा, रमाकांत निगम, विपिन निगम, रितेश निगम, त्यागीजी महाराज विलायतकला, प्रकाश भौमिया, पुरषोत्तम गौतम, रवि खरे, महेश निषाद, पप्पू निषाद, अज्जू बड़गैया, अनीता बड़गैया, पिंकी बड़गैया, कामनी तिवारी, अंजू तिवारी, मीना कुचिया, सुरेश सोनी, राजकुमार रीझवानी, दीपू बजाज, हरीश बजाज, रामजी तिवारी, शीनू, वेदांत, शानू, पीकू सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।
भजनों में विभोर हुए श्रोता
इस दौरान भजन मंडली के द्वारा एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों को सुनकर श्रोता भावविभोर हुए। कथा व्यास ने बताया कि गंगा के आनन्द घाट में सनकादिक ऋषियों ने कथा सुनाई। भक्ति की लता को पुष्पित व पल्लवित करना है तो कथा श्रवण अवश्य करें। अपने तार भगवान से मिला लो, प्रभु बंधे और खिंचे हुए चले आएंगे।








