- एनकेजे यार्ड के रिमॉडलिंग का कार्य प्रारंभ
- 29 सितंबर तक कराया जाएगा इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग के लिए प्री-एनआइ वर्क
- कई ट्रेनें रद्द, कई के मार्ग बदल
कटनी (विवेक शुक्ला)। बीना-बिलासपुर रेलखंड पर स्थित एनकेजे यार्ड के रिमॉडलिंग इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग के लिए प्री-एनआइ वर्क का कार्य गुरुवार से शुरू हो गया। गुरूवार की सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कटनी-शहडोल रेलखंड पूरी तरह से बंद रहा। यार्ड में लगभग दो सैकड़ा रेलवे अधिकारी, कर्मचारी व श्रमिक उतरे और युद्धस्तर पर कार्य को प्रारंभ किया।
दोपहर दो बजे के बाद यातायात बहाल हुआ। जिसके बाद यात्री व मालगाड़ी ट्रेनों का संचालन शुरू कराया गया। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार एनकेजे यार्ड विश्व के प्रमुख छह यार्डों में से एक यार्ड है। यह मुगलसराय के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे यार्ड है। लंबे समय बाद यार्ड रिमॉडलिंग के लिए इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जा रहा है। रेलवे बोर्ड व जीएम खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे है। प्री-एनआइ वर्क एडीआरएम आनंद कुमार की उपस्थिति में शुरू कराया गया है जो 29 सितंबर तक चलेगा। इसके तहत जीसी-1, जीसी-2, जीसी-5, एनकेजे-बी मेन लाइन में कार्य कराया जाएगा। 30 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पांच दिनों तक एनआइ वर्क को पूर्ण कराया जाएगा।
कार्य की वजह से कई ट्रेनें रद्द
यार्ड रिमॉडलिंग के लिए रेलवे ने इस रूट से गुजरने वाली 30 ट्रेनों को निरस्त किया है। ये ट्रेनें 19 सितंबर से निरस्त होना शुरू हो चुकी है जो अलग-अलग दिनों में 4 व 5 अक्टूबर तक निरस्त रहेंगे। हालांकि रेल अधिकारियों का दावा है कि कार्य के लिए उसी समय का चयन किया जा रहा है, जब यात्री ट्रेनें इस रूट पर न हो।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
इस कार्य की वजह से रेलवे ने विध्यांचल एक्सप्रेस, चिरमिरी मेमू, इटारसी मेमू व बीना मेमू जैसे प्रमुख लोकल ट्रेनों को भी रद्द कर दिया है। ट्रेनें निरस्त होने के कारण छोटे स्टेशनों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को मजबूरीवश बसों व ऑटो का सहारा लेकर सफर करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या स्कूली व कॉलेज छात्र, नौकरीपेशा वालों को हो रही है।
9 दिनों तक प्री-एनआइ वर्क चलेगा: समीर सौरभ, एरिया मैनेजर
यार्ड रिमॉडलिंग के तहत प्री-एनआइ वर्क शुरू किया गया है। इस कार्य में दो सैकड़ा से अधिक अधिकारी, कर्मचारी व मजदूर जुटे हुए है। करीब 4 घंटे ब्लॉक लेकर पहले दिन कार्य कराया गया है। 9 दिनों तक प्री-एनआइ वर्क चलेगा। इसके बाद 4 अक्टूबर तक पांच दिनों तक एनआइ वर्क चलेगा।
