मिडल ईस्ट में महाजंग: अमेरिका ने उड़ाया ईरान के चाबहार पोर्ट का सर्विलांस टावर, जवाब में ईरान ने 5 देशों के अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

मिडल ईस्ट में महाजंग: अमेरिका ने उड़ाया ईरान के चाबहार पोर्ट का सर्विलांस टावर, जवाब में ईरान ने 5 देशों के अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

मिडल ईस्ट में महाजंग: अमेरिका ने उड़ाया ईरान के चाबहार पोर्ट का सर्विलांस टावर, जवाब में ईरान ने 5 देशों के अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक भीषण और विनाशकारी युद्ध का रूप लेता जा रहा है. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार स्थित ‘शहीद कलंतरी पोर्ट’ के सर्विलांस टावर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इस भारी नुकसान की पुष्टि की है.

इस हमले के तुरंत बाद बौखलाए ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नौसैनिक संपत्तियों पर ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया है.

ईरान का पलटवार: इन 5 देशों में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान ने खुलेआम एलान किया है कि उसने अमेरिका को सबक सिखाने के लिए खाड़ी क्षेत्र के निम्नलिखित देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भीषण हमले किए हैं:

  1. कतर (Qatar)

  2. कुवैत (Kuwait)

  3. जॉर्डन (Jordan)

  4. ओमान (Oman)

  5. सीरिया (Syria)

लगातार 7वीं रात बमबारी; क्यों उड़ाया चाबहार का टावर?

ईरान के कई प्रांतों में मची तबाही, दहला इलाका

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने स्वीकार किया है कि चाबहार पोर्ट का समुद्री नियंत्रण टावर अमेरिकी हमले में जमींदोज हो चुका है. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बंदरगाह के घाट और माल ढुलाई के उपकरणों को नुकसान नहीं पहुँचा है.

ईरान के सरकारी चैनल ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, गुरुवार देर रात से शुरू हुए अमेरिकी हमले केवल चाबहार तक ही सीमित नहीं थे. अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के कई प्रांतों में नागरिक ढांचों को निशाना बनाया है, जिनमें शामिल हैं:

 CENTCOM का बयान:

इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखना और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले जहाजों को छोड़कर बाकी सभी के लिए सुरक्षित रास्ता बहाल किया जाएगा.

— अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं सैन्य डेस्क, विशेषांक

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